केराकत। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के पसेवा गांव में साधु वेशधारी युवक की पहचान को लेकर उलझे ग्रामीण और पुलिस ने आखिरकार उसकी पहचान कर ली। उसको गांव निवासी कमला निषाद की पत्नी अपना बेटा प्रमोद होने का दावा कर रही थी वह चित्रकूट जिले के कर्वी निवासी राकेश निकला। इस मामले के निस्तारण के लिए बड़ी संख्या में महिला पुरुष देर तक थाने में जमे रहे।
केराकत कोतवाली क्षेत्र के पसेवां गांव में पिछले तीन दिनों से करीब छह की संख्या में साधुओं की टोली डेरा जमाए थी। रविवार शाम को साधु गांव में भिक्षा मांग रहे थे। वे कमला निषाद के घर पहुंचे तो कमला की पत्नी ने टोली के एक युवा साधु को अपना लापता बेटा प्रमोद बताने लगी। उसने आसपास के लोगों को बुला लिया। साधु ने अपना नाम राकेश और चित्रकूट का निवासी बताया लेकिन लोगों को उसकी बात पर भरोसा नहीं हुआ। उनका कहना था कि प्रमोद ही नाम बदल कर बता रहा है। उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। कोतवाल ने देर शाम तक मामला सुलझाने का बहुत प्रयास किया लेकिन कोई हल नहीं निकला। सोमवार को उन्होंने एसडीएम मंगलेश दूबे की मदद से मामले का निस्तारण किया। एसडीएम मंगलेश दूबे और कोतवाल शशिभूषण राय ने राकेश के बताने पर कर्वी थाना क्षेत्र के सीतापुर पुलिस चौकी के प्रभारी आनंद कुमार मिश्रा से संपर्क तसदीक की। पता चला कि साधु वेषधारी राकेश कुमार गोस्वमी चित्रकूट जिले के कर्वी थाने के सीतापुर का रहने वाला है। वह विवाहित है व उसकी तीन पुत्रियां हैं ।