जौनपुर। शाही किले में जौनपुर महोत्सव में शनिवार की देर रात कवियों और शायरों ने अपने कलाम से लोगों को कभी हंसाया तो कभी सोचने को मजबूर कर दिया।
शुरूआत सबिना अदीब ने सरस्वती वंदना से किया। और अपनी बारी आने पर उन्होंने ‘तूझे आरजू थी जिसकी वहीं प्यार हैं’, ‘वे मकान जला रहे हैं मैं दिए जला रही हूं...’ सुनाकर वाहवाही लूटी। लखनऊ के सर्वेश अस्थाना के संचालन में अंबेडकरनगर के अभय सिंह निर्भीक ने देशभक्ति का जज्बा जगाया। डा. बलराम श्रीवास्तव भी देशभक्ति से ओतप्रोत पंक्तियां सुनाईं। मुंबई के व्यंग्यकार राजन श्रीवास्तव और सरदार प्रताप सिंह फौजदार ने व्यवस्था पर तंज कसा। इलाहाबाद की रुचि चतुर्वेदी ने तरन्नुम में गीत ‘मैं सागर से नदियां मिलाने चली हूं’ सुनाकर शृंगार रस की वर्षा कराई तो सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने खूब हंसाया। इलाहाबाद के बुद्धिसेन शर्मा ने ‘राजनीति के गलियारों में मत जाना, नागिन अपने बच्चों को खा जाती’ से व्यवस्था पर तंज कसा। एसपी केके चौधरी, विशाल चौबे ने भी कविताएं सुनाईँ। उसके बाद सबिना अदीब ने मंच संभाला जिला जज एके त्यागी, एसीजेएम लोकेश वरूण, नगर विकास राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी, समाजसेवी अरूण सिंह, डा. क्षितिज शर्मा, सैयद मुस्तफा, इंद्रभान सिंह इंदू, बसपा नेता अशोक सिंह, प्रदीप सिंह, अमित गुप्ता, विनीत सेठ, दिनेश टंडन, डा. मनोज वत्स, रवि सिंह मौजूद रहे।