जौनपुर। जिला महिला अस्पताल में मुफ्त इलाज के लिए आने वाले गरीबों को मददगार ही ठग ले रहे हैं। अस्पताल परिसर में नर्सिंग होम के दलाल घूमते रहते हैं, मरीजों की मदद के नाम पर उन्हें नर्सिंग होम भेज देते हैं। जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती मड़ियाहूं क्षेत्र की एक मरीज को दलाल नर्सिंग होम भेजने का प्रयास कर रहे थे, जिस पर अस्पताल के कर्मचारियों से उनकी झड़प हुई। आखिरकार महिला को महिला को सर्जिकल वार्ड में भर्ती करा दिया गया। इस धंधे में एंबुलेंस संचालक भी शामिल हैं, शिकायत मिलने के बाद सीएमओ ने एक एंबुलेंस चालक को बर्खास्त कर दिया था।
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल से जैसे ही कोई मरीज आता है, दलाल उसके पीछे लग जाते हैं। अस्पताल में भर्ती कराने, चिकित्सक को दिखाने का प्रयास करते हैं और फिर समझाना शुरू करते हैं कि सरकारी अस्पताल में इलाज ठीक से नहीं होता है। वे अमुक नर्सिंग होम चले जाएं तो अच्छा इलाज सस्ते में हो जाएगा। मरीज को नर्सिंग होम में पहुंचाने के बाद दलाल अपना कमीशन लेकर रफूचक्कर हो जाते हैं। उसके बाद नर्सिंग होम वाले मनमाने तरीके से पैसे वसूल करते रहते हैं।
अस्पताल में दलाली का धंधा लंबे अरसे से चल रहा है। अक्टूबर 2017 में महिला चिकित्सालय की तत्कालीन सीएमएस ने जिलाधिकारी को इस बाबत पत्र लिखा था। मिशन इंद्रधनुष के उद्घाटन के दौरान डीएम अस्पताल पहुंचे तो प्रसूति वार्ड में भर्ती महिलाओं ने काह कि कुछ महिलाएं आशा बनकर आती हैं और सस्ते में अच्छा इलाज कराने का आश्वासन देकर उन्हें नर्सिंग होम पहुंचा देती हैं। महिला अस्पताल की सीएमएस ने इसकी जांच के लिए डा. विनोद कुमार अध्यक्ष एवं डा. संदीप सिंह, डा. रमेश चंद्र सिंह, उपेंद्र प्रताप सिंह, वंशराजी देवी की कमेटी बनाई थी। उनसे प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को निजी चिकित्सालयों में भेजने में लिप्त अस्पताल के भी अधिकारी, कर्मचारी और दलालों को चिह्नित करने को कहा गया था। जांच में कुछ डाक्टर और नर्स शामिल के शामिल होने की बात सामने आई थी। दो दिन पूर्व पूनम नामक महिला को जबरन नर्सिंग होम भेजने को लेकर अस्पताल कर्मियों और दलालों में नोकझोंक हुई। उसके बाद महिला को सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया।
सीसीटीवी से हो सकता खुलासा
जौनपुर। जो दलाल अस्पताल में खुलेआम घूमते रहते हैं। उनमें ग्रामीणांचल में तैनात कई स्वास्थ्यकर्मी भी हैं। सीसीटीवी के फुटेज से जांच करके ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा सकता है। उनका प्रवेश अस्पताल में रोका जा सकता है। मगर इस दिशा में अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के चलते दलालों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
मामला संज्ञान में आया है। डीएम के निरीक्षण में एक बाहरी व्यक्ति पकड़ा गया था। जिसके बाद दो फार्मासिस्टों पर कार्रवाई की गई है। सीएमएस महिला को सख्त निर्देश दिया गया है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं।-ओपी सिंह, सीएमओ