जौनपुर। धन के अभाव में जिले में विकास योजनाएं ठप हैं। मेडिकल कॉलेज, फ्लाई ओवर, पुल, रोडवेज डिपो का निर्माण कार्य ठप हो गया है। मेडिकल कालेज में तो पिछले साल ही ओपीडी शुरू होनी थी लेकिन भवन का निर्माण ही नहीं पूरा हो पाया।
सिद्दीकपुर के पास राजकीय मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास 25 सितंबर 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था। 554 करोड़ की लागत से इसके भवन का निर्माण कराया जाना था। तब वर्ष 2017 में मेडिकल कालेज की ओपीडी सेवा शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन तय समयसीमा में भवन का निर्माण नहीं हो पाया और आज तो काम ही ठफ हो गया है। निर्माण कार्य में लगे सैकड़ों मजदूर घर चले गए हैं। उनको मजदूरी तक नहीं मिल पाई है।
बैजारामपुर के पास गोमती नदी पर पुल बनाया जा रहा था। उसके सभी पिलर बन गए लेकिन बजट की कमी से आगे का काम ठप है। पुल निर्माण के लिए लगाई गई कई मशीनें हटा ली गई हैं। नौ करोड़ 30 लाख की लागत से बनने वाले इस पुल के लिए तीन करोड़ रुपये जारी किए गए थे जो खर्च हो चुके हैं। उसके बाद राज्य सेतु निगम ने काम रोक दिया। इसी तरह बक्शा विकास खंड के बरपुर गांव के निकट पीली नदी पर बन रहे पुल का काम भी बंद है। सिटी स्टेशन के पास फ्लाईओवर का निर्माण 25.5 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। जनवरी 2014 से शुरू यह परियोजना भी बंद है। निर्माण के लिए सड़क को खोदकर छोड़ दी गई है। इसके चलते तीन साल से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। जौनपुर रोडवेज डिपो भवन का निर्माण 3.16 करोड़ रुपये की लागत से होना था। भवन का निर्माण शुरू होे गया लेकिन अब बंद हो गया और पूरा परिसर धूल और गर्द से पटा हुआ है। लोगों को परेशानी होती है। बिजली का तार अंडर ग्राउंड करने का काम भी अधूरा छोड़ दिया गया है। 32 करोड़ की लागत से शहर में बिजली का तार अंडर ग्राउंड किया जाना है। 7.50 करोड़ की पहली किस्त जारी हुई। बजट खर्च होने के बाद दोबारा किस्त नहीं मिली। जहां-तहां सड़क किनारे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं।
विधानसभा में उठ चुका है मामला
जौनपुर। राजकीय मेडिकल कालेज और गोमती व पीली नदी पर बन रहे पुल के लिए बजट न मिलने का मामला मल्हनी के विधायक पारसनाथ यादव विधानसभा में भी उठा चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक बजट की व्यवस्था नहीं हो सकी है।