जौनपुर। दीवानी न्यायालय के तीन अधिवक्ताओं के खिलाफ एक वादकारी द्वारा गंभीर मामले में धारा 156(3) के तहत कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दाखिल करने पर अधिवक्ताओं ने गुस्से का इजहार किया। उनका कहना था कि झूठे तथ्यों के आधार पर कोर्ट में मुकदमा दायर कर वकीलों को फंसाने की साजिश की गई है। उन्होंने बुधवार को बंदियों की वैन को परिसर में आने से रोक दिया। काफी देर तक हंगामा हुआ। पुलिस से भी नोकझोंक हुई। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने मामला शांत कराया।
अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में साधारण सभा की बैठक हुई जिस का संचालन मंत्री अनिल सिंह कप्तान ने किया। बैठक में वकीलों ने किए गए मुकदमे की कड़े शब्दों में निंदा की। कहा कि झूठे तथ्यों के आधार पर किसी के खिलाफ मुकदमा नहीं होना चाहिए। यह कानून का दुरुपयोग है और एक गलत परंपरा की शुरुआत है। जिस वादकारी ने तीन अधिवक्ताओं के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दायर किया उसके अधिवक्ता के भी खिलाफ वकीलों ने आक्रोश जताया तथा कहा कि मुकदमा वापस लिया जाए और उस अधिवक्ता के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जाए। बैठक में 5 सदस्यीय अधिवक्ताओं की टीम गठित की गई जो एक सप्ताह के भीतर मामले की जांच करके रिपोर्ट सौंपेगी तत्पश्चात दोषियों के खिलाफ अधिवक्ता संघ कठोर कार्यवाही करेगा।