जौनपुर। जिले में पानी पाताल की ओर जा रहा है। इससे गोमती के जलस्तर पर भी असर पड़ा है। नदी सूख कर कांटा होती जा रही है। जिले के नौ ब्लाक डार्क जोन में पहुंच गए हैं, जहां पानी का तल नौ फीट नीचे खिसक गया है। स्थिति चिंताजनक हो गई है लेकिन प्रशासन ने स्थिति संभालने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। नई बोरिंग पर रोक जरूर लगा दी गई है लेकिन न तो तालाब खोदवाया गया औ न ही चेकडैंम बना। सिंचाई विभाग का कहना है कि पैसे ही नहीं हैं।
जिले में कुल 21 ब्लाक हैं, जिसमें डोभी, केराकत, मुफ्तीगंज, करंजाकला, बक्शा , बदलापुर, महराजगंज, सिरकोनी व सिकरारा ब्लाक डार्क जोन घोषित है। इन ब्लाकों का जल स्तर 90 फीट नीचे हैं। शेष 12 ब्लाक सामान्य हैं। जिसमें 60 फीट से उपर जल स्तर है। डार्क जोन ब्लाकों में जल स्तर उपर उठाने के लिए वर्तमान चालू वित्तीय वर्ष में कोई काम नहीं कराया गया है। हालत यह है कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा तीन तालाब बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें मुफ्तीगंज ब्लाक के पेसारा, महराजगंज ब्लाक के छतौनी और बक्शा ब्लाक के बावन बीघा में तालाब बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। लेकिन अभी तक प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुआ है। वहीं कम पानी वाली फसल पैदावार करने के लिए किसानों को जागरुक भी नहीं किया जा रहा है। सिर्फ नई बोरिंग नहीं होने दिया जा रहा है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसको लेकर विभाग कितना गंभीर है।
जल स्तर उपर उठाने के लिए तीन ब्लाकों थे चयनित
जौनपुर। वर्तमान वित्तीय वर्ष में तीन डार्क जोन ब्लाक केराकत, बदलापुर व सिरकोनी में जल स्तर उपर उठाने के लिए प्राथमिकता के तौर पर लिया गया है। इसके लिए लघु सिंचाई, फारेस्ट विभाग, कृषि विभाग, भू संरक्षण विभाग आदि को अपने-अपने विभागीय बजट से कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। लेकिन अभी तक विभागों द्वारा जल स्तर ऊपर उठाने के लिए कोई कार्य नहीं किए जा रहे हैं। विभागों द्वारा बजट नहीं आने की बात कही जा रही है।
बजट नहीं आने के कारण तालाब व चेकडैम नहीं बनाया जा सका है। तीन तालाब बनाने के लिए प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया था, जो अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है। इसके कारण चेकडैम का प्रस्ताव नहीं भेजा गया है।-उमाकांत तिवारी, सहायक अभियंता, लघु सिंचाई