जौनपुर। ग्राम्य विकास राज्यमंत्री डा. महेंद्र सिंह मंगलवार को तकरीबन चार बजे विकास भवन पहुंचे और कार्यालयों का निरीक्षण किया। गंदगी एवं दिवारों पर पान की पीक देख अधिकारियों व कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। सीडीओ से डीपीआरओ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजने को कहा। आरईएस विभाग के एक कनिष्ठ सहायक के विरुद्घ जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
ग्राम्य विकास राज्यमंत्री डा. महेंद्र सिंह विकास भवन के प्रथम तल पर शौचालय की हालत देखते ही आगबबूला हो गए। सीडीओ से आलोक कुमार सिंह से पूछा कि सफाई के यही इंतजाम आपने किए हैं। सीडीओ ने बताया कि सभी कार्यालयाध्यक्षों को अपने दफ्तर स्वच्छ रखने को कहा गया है। उसके बाद वे डीपीआरओ सुधीर कुमार से मुखातिब हुए और कहा कि जब आपका कार्यालय इतना गंदा है तो गांवों की क्या हालत होगी। मंत्री ने कहा कि आप किसी की सुतने नहीं हैं और न सफाई की परवाह है। उन्होंने सीडीओ से कहा कि वे डीपीआरओ के विरुद्ध रिपोर्ट भेजें। उन्होंने दूसरे, तीसरे, चौथे व पांचवें तल पर स्थित कार्यालयों की जांच की। जिला विकास अधिकारी कार्यालय में आलमारी पर गंदगी रहने पर फटकार लगाई और दो दिन में सफाई कराने को कहा। पशु पालन विभाग कार्यालय, सभागार, बाल विकास पुष्टाहार, डीएसटीओ, सहायक निर्वाचन कार्यालय पंचायत आदि कार्यालयों की जांच की। यहां भी गंदगी मिलने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को फटकार लगाई। डीएसटीओ कार्यालय व आरईएस विभाग में उपस्थिति रजिस्टर की जांच के समय एक कनिष्ठ सहायक अनुपस्थिति के बारे में पूछा तो कर्मचारियों ने बताया कि वे किसी अफसर को छोड़ने गए हैं। इस पर मंत्री ने सीडीओ को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मंत्री के निशाने पर रहे डीपीआरओ
जौनपुर। ग्राम्य विकास मंत्री डा. महेंद्र सिंह के टारगेट पर जिला पंचायत राज अधिकारी रहे। उन्होंने डीपीआरओ को पान खाए देख तो उनका गुस्सा और बढ़ गया। कारण विकास भवन के दिवारों पान की पीक जगह - जगह फैली हुई थी। उन्हें लगा ऐसे लोग ही गंदगी फैलाएं हुए है। इसी बात पर मंत्री भड़क उठे। उन्होंने कहा कि आदत सुधार लें।
भाजपाई बताते रहे पहुंच रहे हैं मंत्री
जौनपुर। कहने को तो ग्राम्य विकास राज्यमंत्री का अचानक विकास भवन जाने का कार्यक्रम बना लेकिन जैसे ही विकास भवन पहुंचने का कार्यक्रम तय हुआ। भाजपा के नेता अफसरों को फोन करने लगे। अधिकतर अधिकारी घर चले गए थे। उनकी गाड़ियां वापस आ गईं। विकास भवन में अफरातफरी मच गई। सफाई होने लगी। 40 मिनट बाद मंत्री विकास भवन पहुंचे और उन्हें सिर्फ गंदगी दिखाई दी। मंत्री के साथ जफराबाद विधायक डा. हरेंद्र सिंह भी थे।