मीरगंज। मछलीशहर ब्लाक के परिषदीय स्कूलों में बगैर नाप के जूते बांटे गए हैं। नतीजतन बच्चे उसे पहन कर आते ही नहीं हैं। 40 प्रतिशत बच्चे बिना जूते के विद्यालय आ रहे हैं।
मछलीशहर ब्लाक में 135 प्राथमिक स्कूल और 57 उच्च प्राथमिक स्कूल है। दो माह पूर्व बच्चों को जूता का वितरण किया गया था। जूते लेकर बच्चे प्रसन्न हुए लेकिन जगह नापा तो पता चला कि किसी का जूता बड़ा है और किसी का छोटा। मीरगंज क्षेत्र की न्याय पंचायत रामपुर खुर्द, रामपुर चौथार व उचडीह के स्कूलों पता चला कि बच्चे बगैर जूते ही विद्यालय आ रहे हैं। प्राथमिक स्कूल अदारी में 150, रामपुर खुर्द में 80, मीरगंज में 25, करियांव में 15, भिदुना में 25, माधोपुर में 30, चौकी खुर्द में 30, कठार में 10, भटेवरा में 15, लासा में 10, चितांव में 20, शाहपुर में 15, उचडीह में 20, सहनी में 15 डभिया में 60, टिकरी में 10, गोधना में 10, जगदीशपुर में 15 व पूर्व माध्यमिक स्कूल अदारी में 105, रामपुर खुर्द में 100, कठार, ऊंचडीह, शाहपुर, टिकरा में दस-दस चौकीखुर्द में 35 बच्चो के पैर में सही साइज के जूते नहीं मिल पाए हैं। एनपीआरसी रामपुर खुर्द प्रेम शंकर तिवारी व एनपीआरसी ऊंचडीह जमाल युसुफ का कहना है की ज्यादातर स्कूलों ने बच्चों को जूता तो वितरित कर दिया है पर साइज का नहीं होने के कारण बच्चे पहनकर स्कूल नहीं आ रहे हैं। अभिनव प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक आनंद सिंह का कहना है 50 प्रतिशत बच्चों को सही साइज का जूता नहीं मिल पाया है। कुछ स्कूलों से अदला बदली की गयी लेकिन काम नहीं चला। खंड अधिकारी मछलीशहर शैलपति यादव ने कहा कि प्रधानाचार्यों से कहा गया है कि वे अगल-बगल के स्कूलों से जूते बदलवा लें।