डोभी। कड़ी सुरक्षा और गहमागहमी के बीच सोमवार को डोभी ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की प्रक्रिया सम्पन्न हो गई लेकिन परिणाम सुरक्षित रख लिया गया है। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में मतों की गिनती नहीं की गई। मतपेटी को सील कर जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में सुरक्षित रख दी गई है। मतदान में कुल 68 बीडीसी सदस्यों ने हिस्सा लिया।
डोभी के ब्लाक प्रमुख शिवशंकर यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बीडीसी सदस्यों की बैठक 11 बजे से बुलाई गई थी। यहां कुल 84 बीडीसी सदस्यों की जगह है, जिसमें एक सदस्य की मौत और दूसरा जेल में है। कुल 82 सदस्यों में से 68 बैठक में मौजूद हुए। बैठक का कोरम पूरा होने के बाद प्रस्ताव पर चर्चा की गई। उसके बाद मतदान कराया गया। एसडीएम मंगलेश दुबे की मौजूदगी में ब्लाक सभागार में दो बजे तक मतदान हुआ। मतदान का परिणाम हाईकोर्ट के आदेश के कारण घोषित नहीं किया गया। कोर्ट के आदेश पर बाद में परिणाम घोषित किया जाएगा।
बैठक शुरू होने के आधे घंटे पहले ही चार पहिया वाहनों के काफिले के साथ बीडीसी सदस्य ब्लाक मुख्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचने लगे। सभी की तलाशी लेने के बाद एक एक कर अंदर प्रवेश कराया गया। अविश्वास प्रस्ताव लाने वालों की अगुवा क्षेत्र पंचायत सदस्य विद्या देवी भी उनके साथ ही समय से पहुंचीं। इससे कयास लगाया जा रहा था कि ज्यादातर उनके समर्थ की ही काफिले में शामिल थे। ब्लाक मुख्यालय से बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा रही। लोग परिणाम जानने के लिए बेताब रहे लेकिन उस समय लोगों को निराशा हुई जब तीन बजे के बाद यह बताया गया कि हाईकोर्ट के निर्देश के चलते परिणाम की घोषणा नहीं की जा सकती। एसपीसिटी अनिल कुमार पांडेय, सीओ सिटी विनय कुमार द्विवेदी, सीओ केराकत अवधेश शुक्ला, कोतवाल केराकत शशि भूषण राय, शाहगंज प्रशान्त श्रीवास्तव, एसओ विश्व जीत प्रताप सिंह के अलावा एसओ गौराबादशाहपुर,एसओ बक्शा, एसओ जलालपुर सहित पंद्रह सब इंस्पेक्टर, महिला दरोगा ,महिला पुलिस के साथ पीएसी के जवान मौज तैनात थे।