जौनपुर। सूरज घाट के महंत स्वामी जगन्नाथ दास महाराज ने शनिवार को ब्रह्मलीन हो गए। उनके निधन से अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई। राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव समेत तमाम साधु, संत, महंथ, समाजसेवी आदि ने पुष्प वर्षा करके उन्हें अंतिम विदाई दी।
स्वामी श्री जगन्नाथ दास जी महराज ने आश्रम में अंतिम सांस ली। लगभग 108 वर्षीय स्वामी जी उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम तक देश के समस्त तीर्थों की नंगे पांव पदयात्रा दो बार कर चुके थे। उनके अनुयायी देश भर में हैं। उनके ब्रह्मलीन होने की खबर सुनकर हजारों लोग आश्रम पहुंच गए। सीताराम नाम का संकीर्तन किया गया। उनकी पार्थिव देह को बांस के विमान पर सजाया गया और अंतिम यात्रा शुरू हुई। यात्रा सूरज घाट से निकलकर पचहटियां, विशेषरपुर से होते हुए रामघाट पहुंचा जहां अयोध्या से पधारे महंथ तपसी छावनी और चौकियां धाम के सीता रामशरण जी महाराज, बड़े हनुमान से रामरतन दास पुजारी, स्वामी अम्बुजानंद जी महाराज, मनीष, सुरेंद्र गिरी, नरेंद्र त्रिपाठी, राधारमण तिवारी, विकास मोदनवाल, नान्हक यादव, राजेश साहू केराकत, संजय यादव, संतोष गुप्ता, मनीष गुप्ता, आशीष माली सहित तमाम लोगों ने नम आंखों से महंत जी को अंतिम विदाई दी।