बक्शा। ब्लाक प्रमुख रंजीत यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान की सिफारिश लेकर लखनीपुर गांव की बीडीसी सदस्य के घर मंगलवार को पहुंचे लोगों से विवाद हो गया। आरोप है कि बीडीसी सदस्य के बेटे ने उनकी गाड़ी में बैठने से इनकार किया तो उसकी पिटाई की गई। ग्रामीणों के जुटने पर अगवा करने आए लोग फरार हो गए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व ब्लाक प्रमुख समेत तीन के खिलाफ मारपीट और दलित उत्पीड़न का केस दर्ज कर लिया है।
बक्शा के ब्लाक प्रमुख रंजीत यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर पांच फरवरी को चर्चा होनी है। इसके लिए ब्लाक मुख्यालय पर मतदान होगा। इन दिनों पक्ष-विपक्ष दोनों बीडीसी सदस्यों को अपने पाले में करने में जुटे हैं। लखनीपुर गांव की बीडीसी सदस्य लवांगी देवी निरक्षर हैं। उनका बेटा रवि गौतम उनका प्रतिनिधि है। मुख्य चुनाव में मां के साथ रवि को ही मतदान की अनुमति आयोग ने दी थी। चर्चा है कि इस बार भी लवंगी देवी की तरफ से मतदान उनके पुत्र रवि गौतम ही करेंगे। पुलिस को दी गई तहरीर में रवि गौतम ने आरोप लगाया है कि मंगलवार को दोपहर एक बजे प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले बीडीसी सदस्य सजल सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख जयप्रकाश सिंह एवं फौजदार सिंह चार पहिया वाहन लेकर उनके घर पहुंचे। और उसे जबरन गाड़ी में बैठाने लगे। गाड़ी में न बैठने पर उसे उसके दरवाजे पर ही मारने पीटने लगे। शोर सुनकर गांव के लोग पहुंचे तो खुद को घिरता देख लोग फरार हो गए। पुलिस ने रवि गौतम की तहरीर मारपीट एवं दलित उत्पीड़न का केस दर्ज कर लिया है। उधर, आरोपी सजल सिंह ने बताया कि मौके पर उनका भाई था, वह नहीं थे। वहां पहुंचते ही लोगों ने वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया। इससे वाहन का शीशा टूट गया। इस मामले को बेवजह तरजीह दिया जा रहा है।