जौनपुर। कलेक्ट्रेट में सोमवार को अधिवक्ता समिति ने कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया था लेकिन डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने न्यायिक कार्य से विरत रहने के प्रस्ताव को दरकिनार कर सुनवाई की। डीएम के कोर्ट में बैठने के बाद अधिवक्ता दो फाड़ हो गए। 10 से 15 अधिवक्ताओं ने कार्य किया। कलेक्ट्रेट अधिवक्ता समिति ने मंगलवार को बैठक बुलाई है, जिसमें कुछ सदस्यों पर कार्रवाई का फैसला किया जा सकता है।
कलेक्ट्रेट अधिवक्ता समिति की बैठक एसडीएम कोर्ट के बहिष्कार को समाप्त करने के लिए सोमवार को बुलाई गई थी। इसके लिए अधिवक्ताओं ने कार्य से विरत रहने का ऐलान किया था। मगर जिलाधिकारी ने कोर्ट स्थगित नहीं किया और काम करने का फैसला लिया। कोर्ट खुली तो कुछ अधिवक्ता काम करने लगे। कलेक्ट्रेट में 900 अधिवक्ता हैं। पहली बार ऐसा हुआ है जब कार्य से विरत रहने के फैसले की अवहेलना की गई हो। अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने कहा कि जिन्होंने न्यायिक कार्य से विरत रहने के निर्णय की अवहेलना की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।