जौनपुर। विवाद के चलते कोटे की 14 दुकानों का चयन नहीं हो सका है, जो लंबे अरसे से खाली हैं। इन दुकानों को पास के गांवों से संबद्ध किया गया है। इन दुकानों केे चयन कि लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया था। इसके बावजूद वे चयन नहीं करा सके।
जिले में लंबे समय से कोटे की 31 दुकानें खाली थीं। इनके कोटेदारों को अनियमितता या अन्य कारणों से हटा दिया गया था। इन दुकानों के चयन के लिए 14 जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया। उनको 25 जनवरी तक चयन प्रक्रिया पूरी कर लेनी थी। इसके लिए नोडल अधिकारियों को निर्धारित तिथि के अंदर गांव की खुली बैठक कराकर दुकान का चयन करने को कहा गया गया था। नियत तिथि तिथि के अंदर मात्र 17 कोटे की दुकानों का चयन हो सका। जबकि 14 कोटे की दुकानों का चयन नहीं हो सका है। इसमें रामनगर ब्लाक में जवंसीपुर, बरसठी ब्लाक में कटवार व लखरांव, मछलीशहर ब्लाक में वनगांव, सिकरारा ब्लाक में लखैवां व डमरुवा, खुटहन ब्लाक में अंगुली व उसरौली, करंजाकला ब्लाक में जनापुर व आरा, शाहगंज ब्लाक में लतीफपुर, चौकिया, जमदानीपुर व सुंबुलपुर हैं। इन दुकानों के चयन के दौरान विवाद हो गया, जिसके कारण इन कोटे की दुकानों का चयन नहीं हो पाया है।
जिन 14 कोटे की दुकानों का चयन नहीं हो सका है। उसके चयन के लिए फिर से तिथि निर्धारित की जाएगी।-अजय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी