मछलीशहर/जौनपुर। वर्ष 2018 का पहला चंद्र ग्रहण माघ पूर्णिमा दिन बुधवार 31 जनवरी को पड़ रहा है। यह चंद्र ग्रहण कर्क राशि पर लग रहा है जिसके कारण खग्रास ग्रहण के बावजूद चंद्रमा काला नहीं होगा बल्कि तांबे के रंग का दिखेगा। ऐसा दुर्लभ संयोग 36 वर्ष बाद मिल रहा है।
ग्रहण का स्पर्श शाम 5.35 बजे होगा जबकि खग्रास आरंभ शाम 6.21 बजे, ग्रहण का मध्य 7 बजे, खग्रास की समाप्ति 7.38 बजे और मोक्ष शाम 8.42 बजे होगा। कुल तीन घंटे सात मिनट की अवधि के इस ग्रहण का सूतक 9 घंटे पूर्व सुबह 8.35 बजे शुरू हो जाएगा। डा. शैलेश कुमार मोदनवाल ने बताया कि ग्रहण का स्पर्श पुष्य नक्षत्र और मोक्ष श्लेषा में हो रहा है। यह पुष्य एवं श्लेषा नक्षत्र के जातकों और कर्क राशि वालों को प्रभावित करेगा इसलिये उन्हें इस ग्रहण को नहीं देखना चाहिए।
कर्मकांड के विद्वान मुरारी श्याम पांडेय के मुताबिक सूतक के समय तथा ग्रहण के समय दान तथा जाप आदि का विशेष महत्व होता है। पवित्र नदियों अथवा तालाबों में स्नान और मंत्र जाप किया जाता है। यह समय मंत्र सिद्धि की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। तीर्थ स्नान, दान तथा ध्यान आदि शुभ तथा कल्याणकारी सिद्ध होते हैं। पं. जितेंद्र शुक्ला आनंदकंद कहते हैं कि सूतक के समय और ग्रहण के समय भगवान की मूर्ति को स्पर्श करना निषिद्ध है। सूतक आरंभ होने से पहले ही अचार, मुरब्बा, दूध, दही अथवा अन्य खाद्य पदार्थों में कुश डाल देना चाहिए, जिससे ये खाद्य पदार्थ ग्रहण से दूषित नहीं होंगे। तुलसी का पत्ता भी डाल सकते हैं। वृष, कन्या एवं तुला राशि के लिए शुभ एवं लाभदायक है। मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, वृश्चिक एवं धनु राशियों के लिए कष्टकारी तथा मकर राशि के लिए स्त्री को पीड़ा, कुंभ के लिए सौख्य तथा मीन राशि के लिए मानसिक पीड़ाकारी रहेगा।