पूर्व चेयरमैन कपिल मुनि के सृष्टि पैलेस में चल रही रामकथा के पांचवें दिन दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि इस संसार में सबसे पूजनीय भगवान नारायण हैं। भगवान नारायण की आराधना सर्वोपरि है। सन्तों के हृदय में भगवान हमेशा विराजमान रहते हैं। गृहस्थ आश्रम वह टकसाल है जिसमें रामकृष्ण परमहंस, छत्रपति, शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप जैसे वीर संत पैदा हुए। गृहस्थ में बच्चों को संस्कार जरूर देना चाहिए। भारत में व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं उसके संस्कार से होती है। गाय के बिना भगवान की सेवा नहीं हो सकती है। इसमें सभी देवी देवताओं का निवास है। इस अवसर पर चेयरमैन शिव गोविन्द साहू , पूर्व चेयरमैन कपिलमुनि गुप्ता , कृष्ण गोपाल जायसवाल, देवी प्रसाद, विश्वनाथ गुप्ता , सुरेश सोनी , राकेश गुप्ता , प्रभात तिवारी , अश्विन गुप्ता ,कामता यादव ,राजेश गुप्ता आदि मौजूद थे ।