जौनपुर। जिले में डंठल जलाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिससे आग लगने की घटना भी हो रही है। साथ ही खेतों की उर्वरा शक्ति भी कमजोर हो रही है। जिसको गंभीरता से लेते डीएम ने खेतों में डंठल नहीं जलाने का निर्देश दिया है। अगर डंठल जलाते हुए कोई पकड़ा गया तो उसको जुर्माना देना होगा। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि खेतों में डंठल नहीं जलाया जाए। ऐसा करने वालों को जुर्माना देना होगा। दोबारा पकड़े जाने पर कृषि विभाग के अनुदान से वंचित कर दिया जाएगा। रबी फसलों की कटाई के बाद बचे डंठल को किसान खेत में ही जला दे रहे हैं । जिससे भूमि की ऊपरी सतह जल जाती है। इसके कारण खेतों के लाभदायक जीवाणु समाप्त हो जाते हैं। साथ ही पर्यावरण भी दूषित होता है। फसल के अवशेष जलाने से तमाम बस्तियों, खेतो, जंगलों आदि स्थानों पर अगलगी की तमाम घटनाएं होती रहती हैं। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे गेहूं की कटाई स्ट्रारीपर व हार्वेस्टर से ही कराएं। यह डंठल का भूसा बना देगी। इससे पशुओं के लिए चारा भी मिल जाएगा।