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रात में कोहरा, दिन में धूप, फिर भी ठिठुर रहे लोग

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जौनपुर। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच जनजीवन प्रभावित है। पिछले 10 दिनों से हाड़ कंपा देने वाली ठंड से लोग जूझ रहे हैं। पिछले दो दिनों से धूप जरूर निकल रही है लेकिन शाम होते ही कोहरे की मोटी चादर तन जा रही है। जो सुबह 10 बजे तक रह रही है। सर्द हवाओं से लोगों कांप रहे हैं। पारा घट बढ़ रहा है। लोग सर्दी से परेशान हैं। उधर प्रशासन जिले में 550 से अधिक स्थानों पर अलाव जलाने का दावा कर रहा है। जिसमें 288 नगर क्षेत्र की संख्या शामिल है। अभी तक एक जनवरी से 15 से अधिक लोगोँ की मौत हो चुकी है। लेकिन प्रशासनिक आकड़ों में किसी की मौत ठंड से नहीं हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ठंड से मौत की पुष्टि नहीं होना बताया जा रहा है। वैसे नियम है कि ठंड से मौत होने पर 4 लाख रूपए की सहायता प्रशासन मुहैया कराए।
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लगातार लुढ़कते तापमान में कड़ाके ठंड से लोगों को निजात नहीं मिल पा रहा है। हांड़ कंपा देने वाले इस मौसम में लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान 6 डिग्री से भी कम चल रहा है। लोग सर्दी से परेशान हैं। दो दिनों से जहां रात में शीतलहर का प्रकोप बढ़ रहा है। वहीं दिन में धूप भी निकल रही है। बावजूद इसके गलन भरी इस ठंड में हाथ-पैर लोगों के सुन्न हो जा रहे हैं। सुबह 10 बजे के बाद मौसम में बदलाव जरूर आ रहा है। लेकिन जनजीवन पर इसका कोई खास असर नहीं है। प्रशासन ने 6712 कंबल वितरित कर दिया है। इतना और कंबल यूपिका इलाहाबाद नामक फर्म से मंगाने का आर्डर दे दिया गया है। हर तहसील में 11 सौ कंबल दिए गए थे और इतना ही और दिए जाएंगे। जौनपुर शहर में भंडारी रेलवे स्टेशन, रोडवेज पर रैनबसेरा खोला गया है। इसके अलावा मछलीशहर में दो, खेतासराय, शाहगंज, केराकत में भी रैनबसेरा खोला गया है। जहां पर्याप्त इंतजाम नहीं है। जहां तक लोगों के मरने की बात है अधिकतर लोग पीएम नहीं करा रहे हैं। तीन चार लोगों ने पोस्टमार्टम कराया लेकिन उनकी मौत का कारण ठंड नहीं पाया गया। शाहगंज क्षेत्र में मरी एक महिला की मौत के मामले में ग्राम प्रधान ने लिखकर दे दिया कि वह कई महीनों से बीमार थी। एडीएम रमेश मिश्र का कहना है कि प्रशासन अपने स्तर से जो भी इंतजाम हो सकता है कर रहा है। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा में 4 लाख रूपए पीड़ित को दिया जाता है। ठंड से हुई मौत भी इसी में शामिल है।
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