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जिले में पहुंची यरुशलम के विरोध की आंच

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येरूशलम को इजरायल की राजधानी बनाने की मुहिम को अमेरिका का समर्थन मिलने पर स्थानीय मुसलमानों ने भी विरोध जताया है। इसी मुद्दे पर बुधवार को मरकजी सीरत कमेटी की बैठक हुई। बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की गई। जिसके तहत 22 दिसंबर को जुमा की नमाज के बाद जिले भर के सुन्नी और शिया मुसलमान संयुक्त रूप से शहर में प्रदर्शन करेंगे और नगर कोतवाली पर एहतेजाजी जलसा होगा। साथ ही मुसलमान अपने प्रतिष्ठान बंद रखेंगे।
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पूर्व विधायक हाजी अफजाल अहमद के मीरमस्त मोहल्ला स्थित आवास पर हुई बैठक में संगठन के लोगों ने कहा कि येरूशलम को इजराइल की राजधानी बनाने की मुहिम का समर्थन देकर अमेरिका ने साबित कर दिया है कि वह मुसलमानों का दुशमन है। पूर्व विधायक हाजी अफजाल अहमद ने कहा कि तारीख की रौशनी में येरूशलम और पूरा इजराइल फिलिस्तीन का हिस्सा है। मुसलमानों की पहली किबला मस्जिदे अक्सा येरूशलम में ही है। यह वह मस्जिद है, जहां से हुजूरे अकरम (स.अ.व.) को मेराज अता हुई है। यह स्थान मुसलमानों को जान से ज्यादा अजीज है। जलसे में जिले के बाहर से भी जाने माने मौलाना हिस्सा लेंगे। इस मौके पर अनवारूल हक गुड्डूू, डा. हसीलन बब्लू, इरशाद मंसूरी, शकील मंसूरी, मो. ताबिस छोटू, जफर मसूद समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
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