जौनपुर। प्रदेश सरकार की ओर से बिजली की दरों में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और धरना दिया। इस दौरान सपा नेताओं ने किसानों को मिलने वाली बिजली की दरों में बढ़ोतरी को जन विरोधी बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने किसानों को दी जाने वाली बिजली की बढ़ी दर को वापस नहीं लेती तो सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। अपनी मांग से संबंधित राज्यपाल को संबोधित पत्रक जिला प्रशासन को सौंपा।
जिलाध्यक्ष राजनारायण बिंद की अगुवाई में सुबह करीब 11 बजे सपा के कई नेता और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां धरना सभा में वक्ताओं ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के चलते आम जनता परेशान है। महंगाई पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। नगर निकाय चुनाव का आखिरी चरण समाप्त होते ही सरकार ने जिस तरह बिजली की दरों में बढ़ोतरी की है उससे आम आदमी मुसीबत में पड़ गया है। खास तौर से किसानों की कमर तोड़ने का काम सरकार ने किया है। सरकार के इस फैसले से पूरे प्रदेश की जनता गुस्से में है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपने नौ महीने का कार्यकाल में प्रदेश के विकास में कोई कदम नहीं उठाए जबकि बिजली की व्यवस्था को चौपट करने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। शाहगंज के विधायक एवं पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई ने कहा कि पूर्व में सपा जब सत्ता में आई थी तो उस वक्त प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता सिर्फ 8500 मेगावाट थी। लेकिन सपा सरकार ने इस क्षमता को बढ़ाकर 16500 मेगावाट तक किया था। कई तापीय विद्युत परियोजनाएं चालू की गई थी। धरना सभा को पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, लल्लन यादव, आरिफ हवीब, पूनम मौर्या, श्यामबहादुर पाल, डा. अवधनाथ पाल, सभासद तिलकधारी यादव, संतोष यादव, शिवजीत यादव रत्नाकर चौबे आदि ने भी संबोधित किया। इस मौके पर शकील मंसूरी, डा. हसीन बब्लू, धर्मेंद्र मिश्र, रजनीश मिश्र, संदीप यादव, डा. लक्ष्मीकांत यादव, संजय सरोज, रमाशंकर यादव, दीपक गोस्वामी समेत बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद थे।