जौनपुर। नगर निकाय चुनाव में जौनपुर नगर पालिका के अध्यक्ष पद की प्रत्याशी किरन श्रीवास्तव के समर्थन में राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव, सांसद केपी सिंह सहित 25 से अधिक लोग नामांकन कक्ष तक पहुंच गए। प्रशासन इन्हें रोकने की बजाय इनकी अगुवानी में लगा रहा। कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष, समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष, आम आदमी पार्टी के प्रदेेश प्रवक्ता व जिला संयोजक आदि ने इसका विरोध किया और नारेबाजी की। इन दौरान विरोध कर रहे समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष अतुल और समाजवादी युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और इनका शांतिभंग में चालान कर दिया। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में अफरातफरी मची थी।
नगर निकाय चुनाव में नामांकन को लेकर प्रशासन ने पूरे कलेक्ट्रेट की नाकेबंदी कर दी है। फरियादी भी विकास भवन, पुलिस कार्यालय और कलेक्ट्रेट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। नामांकन करने जाने वालों के साथ तीन से अधिक लोगों को नहीं जाने दिया जा रहा है। गुवरुार को भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा सहित कई पार्टियों और उम्मीदवारों ने नामांकन किया। इस दौरान प्रशासन सख्ती बरत रहा था लेकिन भाजपा प्रत्याशी का काफिला आते ही प्रशासनिक अफसर नियमों को भूल गए। नगरीय विकास राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव, सांसद केपी सिंह, माधुरी गुप्ता, नवीन सिंह, सुधांशु सिंह सहित कई लोग प्रत्याशी किरन श्रीवास्तव के साथ नामांकन कक्ष में घुस गए। इनके साथ वैसे तो जिलाध्यक्ष सुशील उपाध्याय भी थे लेकिन वह दो-तीन लोगों के साथ बाहर ही खड़े हो गए। भाजपा प्रत्याशी के साथ आठ-दस की संख्या में लोगों को अंदर देखकर कलेक्ट्रेट अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने नाराजगी जताई और तेज आवाज में प्रतिवाद किया। वह थोड़ी दूर आगे बढ़े तो वहां समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अतुल सिंह, युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, आम आदमी पार्टी के संयोजक अनुराग मिश्र सहित बीस पच्चीस लोग नारेबाजी करने लगे। पुलिसकर्मियों से उनकी कहासुनी धक्का मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में ले लिया। देर शाम अतुल और वीरेंद्र का शांतिभंग में चालान कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट इंद्रभूषण वर्मा का कहना है कि समिति जांच कर रही है। अगर नियमों के तहत आचार संहिता का उल्लंघन पाया जाएगा तो केस दर्ज होगा।
डीएम सर्वज्ञ राम मिश्र और कलेक्ट्रेट अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह में जमकर कहासुनी हुई। डीएम ने उन्हें हिदायत दी कि ऊंची आवाज में न बोलिए। जो भी कहना हो शालीनतापूर्वक कहिए। वहीं अध्यक्ष विजय प्रताप आरोप पर आरोप लगाते रहे। उनका कहना था कि अधिवक्ताओं और पत्रकारों के साथ बदसलूकी हो रही है। उन्हें आने नहीं दिया जा रहा है जबकि बिचौलिए किस्म के लोग परिसर में टहल रहे हैं। डीएम ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी की जिम्मेदारी रहेगी कि वह अधिवक्ताओं और पत्रकारों का आई कार्ड देखकर अंदर कराएं। डीएम सर्वज्ञ राम मिश्रा का कहना है कि किसी का दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमानुसार ही कार्य किया जाएगा।