जौनपुर। जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्र ने शनिवार को मड़ियाहूं विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय कुरनी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों जोड़, घटाना और पहाड़ा पूछा लेकिन बच्चे नहीं बता सके। यहां का शिक्षा स्तर बेहद खराब मिलने पर जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापक को फटकार लगाई और विद्यालय में तैनात सभी छह शिक्षकों का वेतन अगले दो महीने तक रोकने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने बीएसए डा. राजेंद्र सिंह को निर्देश दिया है कि 15 दिन बाद इस विद्यालय का फिर निरीक्षण करें और बच्चों में शिक्षा के स्तर की जांच करें।
जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्र और एसपी शैलेश पांडेय एक साथ विद्यालय पर पहुंचे थे। विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक कुल 210 छात्रों का नामांकन हुआ है लेकिन मौके पर 143 बच्चे उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने कक्षा चार और पांच के छात्रों से गणित के सामान्य सवाल पूछे लेकिन वे जवाब नहीं दे सके। उन्होंने पांचवीं की एक छात्रा से हिंदी की किताब पढ़ने को कहा तो वह किताब भी नहीं पढ़ सकी। जोड़, घटाना और पहाड़ा का भी छात्रों को ज्ञान नहीं था। जबकि इन बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रधानाध्यापक समेत छह अध्यापक तैनात हैं। उन्होंने प्रधानाध्यापक रामदेव तिवारी को फटकार लगाई। साथ ही प्रधानाध्यापक समेत सहायक अध्यापक दीपक मिश्रा, श्यामिनी सिंह, मनभावती यादव, रीना सिंह, मीरा सिंह अगले दो महीने तक वेतन पर रोक लगा दी है। समय दिया कि 15 दिन में शिक्षा का स्तर नहीं सुधरा तो उनके खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाएगी। एक माह में सुधार न लाने पर प्रधानाध्यापक की स्क्रीनिंग कराकर उन्हें सेवा से मुक्त करने की भी चेतावनी दी। एक शिक्षकों को कुर्सी पर पैर रखकर बैठने पर जिलाधिकारी ने फटकार लगाई और हिदायत दी कि भविष्य में ऐसी गलती की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।