सिंगरामऊ। श्रम सेवायोजना एवं समन्वय विभाग के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद दलित और शोषित समाज के मसीहा थे। उनका पूरा जीवन गरीबों के लिए समर्पित रहा। वह रविवार को सिंगरामऊ क्षेत्र के सिरिकिना गांव में स्थित सहदेव मौर्य इंटर कालेज में आयोजित बाबू जगदेव प्रसाद के 43वें शहादत दिवस समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद का जन्म दो फरवरी 1922 को बिहार के जहानाबाद जिले के कुरकुरी गांव में किसान परिवार में हुआ था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दलित शोषित समाज की राजनीति शुरू की। 1967 में कुर्था विधानसभा से विधायक चुने गए । 25अगस्त 1967 को शोषित दल की स्थापना की । विन्देश्वरी मत्रिमंडल मे मंत्री बने। उन्होंने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद का नारा था ,मानवता की एक पहचान मानव मानव एक समान। जिसकी जितनी भागीदारी उतनी उसकी हिस्सेदारी । दलितों शोषितों की लड़ाई लडने वाले गरीबों के मसीहा को सत्याग्रह पर भाषण करते समय 5सितंबर 1974 को डीएसपी ने गोली चलाई जिसमें वह शहीद हो गए थे। बाबू जगदेव कहते थे जबतक जाति पांति का बन्धन नहीं टूटेगा और समाज के अंतिम पायदान का व्यक्ति प्रधानमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठेगा तबतक देश तरक्की नहीं करेगा ।आज उनका सपना साकार हो गया । प्रधानमंत्री पिछड़ी जाति के और राष्ट्रपति दलित समाज से हैं। अध्यक्षता राजमनि मौर्य ,संचालन राकेश मौर्य एवं रमेश मौर्य ने संयुक्त रूप से किया ।कालेज के प्रवन्धक ज्ञान प्रकाश मौर्य ने आभार जताया । इस मौके महादेव मौर्य, गुलाब चंद्र मौर्य, डा. चंद्रजीत मौर्य, अमर बहादुर यादव, गौरीशंकर यादव, बलराम राजभर, रमेश खरवार, हीरामनि आदि मौजूद रहे।