जौनपुर। क्रय केंद्रों पर गेहूं या धान बेचने के लिए अब किसानों को अपना पंजीयन कराना होगा। किसानों को एक नवंबर से पहले खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर पंजीयन कराना है। इसके अलावा वे जन सूचना केंद्र और साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकृत किसानों का ही अनाज क्रय केंद्रों पर खरीदने की व्यवस्था इस होने वाले धान खरीद से ही लागू हो जाएगी। ऐसे में पंजीकरण न कराने वाले किसान अपना धान क्रय केंद्रों पर नहीं बेच सकेंगे।
जिले में कुल छह लाख 55 हजार 912 किसान हैं। ये किसान परंपरागत रूप से खेती कर अनाज और सब्जियां उगाते हैं। उत्पादित गेहूं व धान की खरीद के लिए खाद्य व रसद विभाग की ओर से हर वर्ष क्रय केंद्र की स्थापित होते हैं जिससे कि अनाज बेचने के लिए किसानों को भटकना न पड़े। क्रय केंद्रों पर किसान धान और गेहूं बेचते हैं। सरकार की ओर से घोषित समर्थन मूल्य के तहत उन्हें अनाज का भुगतान किया जाता है। अबतक किसान क्रय केंद्रों पर जाकर धान और गेहूं बेच देते थे लेकिन अब वे तभी क्रय केंद्रों पर अनाज बेच सकेंगे जब उनका पंजीयन हुआ होगा। जो किसान पंजीकृत नहीं हैं उनका अनाज क्रय केंद्र पर नहीं खरीदा जाएगा। किसानों के पंजीयन की यह व्यवस्था सरकार की ओर से खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 के अंतर्गत मूल्य समर्थन योजना के तहत की गई है। इस साल पंजीकृत किसानों का ही धान केंद्रों पर खरीदा जाएगा। इस साल एक नवंबर से धान की खरीद जिले में होगी। इसके लिए क्रय केंद्र बनाने का कार्य किया जा रहा है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी महेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गेहूं व धान बेचने के लिए किसानों को अब पंजीयन कराना अनिवार्य हो गया है। पंजीयन कराने के बाद ही उनके गेहूं व धान की खरीद क्रय केंद्रों पर की जाएगी। यह नई व्यवस्था इस साल होने वाले धान की खरीद से ही लागू होगी।