आप कार्यकर्ताओं ने संवाद का आयोजन कर केंद्र और प्रदेश सरकार का विरोध किया
जौनपुर। आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जेसीज पर चौराहे पर संवाद का आयोजन कर नोटबंदी के दौरान जमा रुपयों का हिसाब केंद्र सरकार से मांगा। आरोप लगाया कि नोटबंदी के समय बैंकों में 1 लाख 26 हजार करोड़ रुपया ज्यादा कैसे जमा हो गए जबकि आरबीआई ने नोटबंदी से पहले आंकड़ा कुछ और बताया था।
सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पांच सौ और हजार के 16 हजार करोड़ वापस नहीं आए जबकि नोट छापने में 21 हजार करोड़ लग गए। पांच हजार करोड़ का जो घाटा हुआ उसके लिए कौन जिम्मेदार कौन है। जयप्रकाश कामरेड ने कहा कि आरबीआई जैसी संस्था ने झूठ क्यों बोला। 27 नवंबर 2016 को बताया कि 500 व 1000 रुपये के नोट मार्केट में कुल 14 लाख 18 हजार करोड़ हैं जो नोटबंदी के बाद चलन से बाहर हो गए हैं। वहीं आरबीआई ने 30 अगस्त को जारी वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि 500 व 1000 रुपये के 15 लाख 44 हजार करोड़ रुपया मार्केट में थे। जिसमें से 15 लाख 28 हजार करोड़ रुपया बैंकों में वापस आ गए हैं। 500 और 1000 के कुल 14 लाख 18 हजार करोड़ रुपया ही मार्केट में हैं तो फिर बैंकों में 1 लाख 26 हजार करोड़ रुपया ज्यादा कैसे जमा हो गए। छात्र नेता सत्यवीर सिंह ने कहा कि आरबीआई को पैसे गिनने में अधिक समय लगने का कारण कहीं न कहीं से फाल्ट है। अनुराग मिश्र ने कहा कि नोटबंदी के बाद जीडीपी तीन फीसदी की गिरावट हुई है जो सीधे साढ़े चार लाख करोड़ का नुकसान है। इस मौके पर मो. हैदर, राजेंद्र सिंह, आनंद मिश्र, आलोक मिश्र, अकील, डा. अभय तिवारी आदि मौजूद थे।