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क्या कहें किसके चेहरे से पर्दा उठा

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क्या कहें किसके चेहरे से पर्दा उठा
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जौनपुर। पूर्व राष्टपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम आजाद के जन्म दिन पर शहर के नईगंज में डा. पीजी विश्वकर्मा की अध्यक्षता में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरू्आत शायर अहमद निशार के शेर क्या कहें किसके चेहरे से उठा, आज सुबह अखबार कम पड़ से हुई। रामजीत मिश्र और अनिल उपाध्याय की क्षणिका को लोगों ने खूब सराहा। आरपी सोनकर के गीत खुशियों को घर आने दो को सभी ने सराहा। मोनिश के शेर दिल खिलौना तो नहीं पर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। सलील जौनपुरी और राजेश के गीत को सभी ने सराहा। ओम प्रकाश के गीत, गिरीश के मुत्कक को सभी ने सराहा। इस मौके पर डा. पीसी विश्वकर्मा, सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने अपनी रचनाओं से सभी को मनोरंज किया। संचालन सुशील दुबे ने किया। इस मौके पर उमाशंकर मिश्र ने आभार जताया।
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