जौनपुर। सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द होने से आंदोलित शिक्षामित्रों ने चौथे दिन शनिवार को बीएसए कार्यालय पर ताला जडने के बाद जोरदार प्रदर्शन किया। बीएसए कार्यालय के चैनल गेट पर ताला बंद करने के कारण प्रभारी बीएसए रमाकांत राम, लेखाधिकारी नंदराम कुरील समेत अन्य कर्मचारी घंटों कार्यालय के अंदर बंद रहे। बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षामित्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है।
सहायक अध्यापक पद पर शिक्षामित्रों के समायोजन की बहाली को लेकर चल रहे इस आंदोलन में शिक्षामित्रों के अलग-अलग संगठनों के लोग भी एक मंच पर दिखे। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष संदीप यादव, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष दुर्गा मौर्य और दूसरे गुट के जिलाध्यक्ष राजेश यादव की अगुवाई में भारी संख्या में शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पहुंचे। सभी अपनी मांग से संबंधित स्लोगन लिखी तख्तियां हाथ में लिए नारे लगा रहे थे। महिलाएं सबसे आगे थीं। सुबह 11 बजे शिक्षामित्रों का हुजूम बीएसए दफ्तर पहुंचा तो कार्यालय के सभी अधिकारी कर्मचारी कार्यालय में मौजूद थे। महिलाओं ने बाहर चैनल गेट पर ताला जड़ दिया और प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद धरना दिया। कहा कि उनकी समस्या दूर करने के लिए अभीतक कोई ठोस शासनादेश जारी नहीं किया गया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ल ने शिक्षामित्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन शिक्षामित्रों के साथ है। धरना सभा को लालसाहब यादव, रामदुलार यादव, लक्ष्मीकांत सिंह, विरेंद्र सिंह, शशांक सिंह रानू ने संबोधित किया। अनुप्रिया, पूनम सिंह, विद्या देवी मौर्या, अनुपमा शुक्ला, प्रीति मौर्या ने कहा कि शिक्षामित्र संकट के दौर से गुजर रहे हैं लेकिन सरकार अभी तक सिर्फ बहकाने वाली बातें कर रही है। प्रदर्शन में मौजूद किरन शुक्ल, राधा देवी, अनुप्रिया, ममता, नीलम मौर्या, शीला चौहान, पंकज सिंह, सीमा बानो, अमर बहादुर समेत सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे। करीब तीन बजे कार्यालय का ताला खोला गाया। प्रभारी बीएसए बाहर निकले तो शिक्षामित्रों ने उन्हें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक सौंपा। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। (ब्यूरो)