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पत्नी और बच्चे को जान से मारने की कोशिश, केश दर्ज 18-15-50

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केराकत। स्थानीय थाने की पुलिस ने पत्नी और बच्चे पर प्राण घातक हमले के आरोपी पति समेत सात लोगों को खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई पीड़ित महिला की शिकायत पर मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद की है। आरोप है कि पति ने पहली पत्नी के रहते झूठ बोलकर दूसरी शादी की और बाद में दूसरी पत्नी और उसके बच्चे को मारने की कोशिश की।
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सोनभद्र जिले के मुर्दह चोपन निवासी भुल्लर की तीस वर्षीय बेटी अनीता ने मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली से शिकायत की थी कि केराकत कोतवाली के बमबावन गांव निवासी राजेश पुत्र जयमूरत ट्रक चालक है। वह ट्रक लेकर सोनभद्र जाता था तो अक्सर अनीता के घर आने जाने लगा। अनीता के पिता नेत्रहीन हैं और मां भी कम देख पाती हैं। अनीता का आरोप है कि राजेश ने उसके माता- पिता को अपनी बात से प्रभावित कर लिया और कहा कि उसकी शादी अभी नहीं हुई है। उसने करीब आठ साल पहले वहीं पर मंदिर में शादी कर ली। अपनी हैसियत के मुताबिक उसके पिता ने दान दहेज भी दिया। अनीता का आरोप है कि शादी के बाद वह दो बार गर्भवती हुई लेकिन पति ने उसका गर्भपात करा दिया। तीसरी बार उसने बेटे को जन्म दिया। बेटा राज छह माह का है। शादी के बाद पहली बार राजेश तीन महीने पहले उसे और बच्चे को लेकर अपने घर बमबावन आया। जहां परिवार वालों ने घर में घुसने से रोक दिया। अनीता को यहीं पर पता चला कि उसका परि राजेश पहले से शादीशुदा है। घर में प्रवेश नहीं मिला तो दोनों थानागद्दी में किराए के मकान में रहने लगे। आरोप है कि एक दिन राजेश अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कमरे पर पहुंचा और उसके बेटे को मारने की कोशिश की। शोर मचाया तो आस पास के लोग पहुंचे और जान बचाकर किसी तरह मायके पहुंची। उसने केराकत कोतवाली को पहले सूचना दी सुनवाई नहीं हुई तो मानवाधिकार आयोग से गुहार लगाई। उसने कहा है कि अब पिता अपने घर में नहीं रख रहे हैं और पति उसकी और बच्चे की जान लेने पर तुला है। आयोग के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने राजेश और उसके परिवार के सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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