सतहरिया। शांति कुंज हरिद्वार से आए आचार्य गिरीश महराज ने कहा कि गायत्री मंत्र ब्रह्म विद्या की चाभी है। इसके जप करने से मानव जीवन के सारे कष्ट और दुख दूर हो जाते हैं। वह मुुंगराबादशाहपुर मां गायत्री शक्तिपीठ पर आयोजित प्रज्ञापुराण कथा में पांचवें दिन भक्तों के बीच प्रवचन के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि गुरु बिना मानव जीवन पूर्ण नहीं है। इसके लिए प्रभु श्रीराम व भगवान कृष्ण को भी गुरु बनाना चाहिए। कल्प वृक्ष कामनाएं पूरा कर सकता है, चिंता मणि चिंता दूर कर सकता है, कामधेनु सांसारिक चीजें दे सकती हैं। लेकिन ये भगवान का दर्शन नहीं करा सकती हैं। उन्होंने कहा कि कर्दब ऋषि की पत्नी देवहुती कामक विमान पर बैठकर सारे ब्रह्मांड का भ्रमण कीं और सारे सुखों को भोगा लेकिन मन की शांति उन्हें प्राप्त नहीं हो सकी। मन की शांति तो भगवान के दर्शन से मिलती है। यह तभी संभव है जब किसी सद्गुरु का सानिध्य व आशीष मिल जाए। परमात्मा की प्राप्ति गुरु के माध्यम से होता है। यदि योग्य गुरू गायत्री मंत्र की दीक्षा दे दे तो कल्याण संभव है। संचालन शक्तिपीठ के आचार्य गुलाब ने किया। कार्यक्रम में कृपाशंकर तिवारी, अमन, राजबाला, जीतू पांडेय व लालजी पांडेय आदि मौजूद रहे।