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पैसा मिलने के बावजूद पशु आश्रय में नहीं है मुकम्मल सुविधा

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मछलीशहर। पैसा मिलने के बावजूद नगर से सटे सराययुसुफ गांव में स्थापित गोशाला में बने अस्थाई पशु आश्रय में र्प्याप्त सुविधा नहीं हो पाई है। पशुओं के लिए न तो चारा है और न हीं टीन शेड व सफाई ही होती है। वहीं पारिश्रमिक नहीं मिलने से सेवकों में रोष है। उन्होंने उक्त पशु आश्रय में सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर पशुओं को छोड़ देने की चेतावनी दी है।
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सराययुसुफ गांव में बाबा अयोध्यादास द्वारा स्थापित गोशाला का जीर्णोद्धार कर छुट्टटा पशुओं के लिए अस्थाई पशु आश्रय बनाया गया है।वर्तमान समय में कुल 70छुट्टा पशु हैं । इन पशुओं को खिलाने के लिए इस समय चारा नहीं है। इस संबंध में ग्रामीण बाबा रमेश दास व ग्राम प्रधान के सहयोग से पुआल आदि की व्यवस्था की जा रही हैं ।मगर प्रशासन द्वारा कोई मदद अभी तक नहीं मिल रही है ।चारा नहीं रहने से पशु भूखे रह रहे हैं। सुविधा के नाम पर पानी के लिए एक हैंडपंप व टुल्लू लगवाया गया है । जबकि ग्रामीणों का कहना है कि एसडीएम जेएन सचान और बीडीओ राजीव शर्मा ने टीन शेड बनवाने का वादा किया था।ग्रामीणों का आरोप है कि बीडीओ को चारे के साथ ही शेड और सफाई कराने की व्यवस्था जिलाधिकारी ने सौपी थी । गौशाला में पशुओं के रहते डेढ़ माह बीत चुके हैं । मात्र एक दिन सफाई कर्मी आया है।सफाई के अभाव में चारो ओर गंदगी का अंबार है । वहीं गोआश्रय में पशुओं की देखभाल के लिए गांव के हरिशंकर यादव,पारस नाथ यादव,बाबा गोपाल दास की तैनाती यह कह कर की गई कि पांच हजार मानदेय मिलेगा ।लेकिन अभी तक उन्हें फूटी कौड़ी नहीं मिली । उक्त लोगों को एसडीएम ने बताया है कि शासन द्वारा 50हजार रुपये पशुओं की देखरेख के लिए उपलब्ध करा दिया गया है ,जो जल्द ही मुहैया करा दिया जाएगा। मगर वह धनराशि भी नहीं मिली।ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन इसी प्रकार असहयोग करता रहा तो गौशाला में रखे गए सभी पशुओं को मुक्त कर दिया जाएगा।
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