मड़ियाहू। स्थानीय नगर में स्थित गोपाल गोशाला की स्थिति बदतर हो गई है। पिछले एक माह में 100 पशु मर चुके हैं। 10 से अधिक अधिक मरने की कगार पर हैं। गौशाला परिसर में लगभग 200 पशु खुले आसमान के नीचे भूख प्यास व ठंड से तड़प रहे है। योगी सरकार पशुओं को लेकर गंभीर तो है। लेकिन उनके चारे का कोई इंतजाम नहीं है। उन्हें चारे के लिए पुवाल दिया जा रहा है। न तो पानी का कोई इंतजाम है और न ही ठंड से बचाव की कोई व्यवस्था है। नगर के गोसेवक रमेश चंद केसरी और बुझारत ने बताया कि गौशाला के महामंत्री ओमप्रकाश सिंह हैं जो दिन में एक दो बार आकर देख भाल कर चले जाते हैं। गोशाला में चारे का संकट पैदा हो गया है। इधर प्रशासन ने पशुओं को लाकर बंद तो कर दिया है। लेकिन चारे का कोई इंतजाम नहीं किया गया। गोशाला कर्मचारी रामसमुझ पाल और सुरेश पाल ने बताया कि रमेश केसरी अपने सहयोगियों की मदद से गांव-गांव से पुवाल मांग कर खिला रहे हैं। गोपाल गौशाला बहुत पुरानी संस्था है। इसकी स्थापना 1913 में की गई थी। दो बीघे में गोशाला की बाउंड्री आधा दर्जन कमरे और मुख्य द्वार बना हुआ है। मगर रखरखाव ठीक न होने से वह जर्जर हो कर गिर रहे हैं। गोशाला समिति में 11 लोग हैं। महामंत्री ओम प्रकाश सिंह गाहे-बगाहे कभी कभार आते-जाते हैं। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी डॉ संजय कुमार का कहना है कि निजी गौशाला के लिए कोई बजट नहीं है। 1969 के अंतर्गत जो गोशाला पंजीकृत है उसे शासन स्तर से मदद मिलती है। हमने व्यक्तिगत तौर पर बुधवार को पुवाल भेजवाएं। तहसीलदार संतोष कुमार का कहना है गोशाला में पशुओं के लिए चारे का संकट है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में उन्हें कर्मचारियों ने बताया कि कई पशु चारे के अभाव में मर रहे है।