जौनपुर। दूसरी योजनाओं की तरह प्रधानमंत्री आवास योजना भी भ्रष्टाचार से अछूती नहीं है। आवास आवंटन में लाभार्थियों से वसूली, चहेतों को योजना का लाभ पहुंचाने, एक अभ्यर्थी को एक से अधिक आवास योजना का लाभ दे दिया गया है। लाभार्थियों से वसूली भी की जा रही है। हालांकि दूसरी या तीसरी किस्त रुकने के भय से कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। सूत्रों की माने तो लाभार्थियों से दस दस हजार रुपये तक की वसूली हुई है। ग्राम प्रधान के माध्यम से ब्लॉक के अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत देने के नाम पर वसूली की गई है। इसके अलावा जिओ टैगिंग के नाम पर निर्माणाधीन आवासों का फोटो खींचने और भेजने के नाम पर भी प्रति लाभार्थियों से 500 के 1000 रुपए वसूले गए है। शाहगंज सोंधी विकास खंड के नोनहट्टा मोहल्ला निवासी संगीता यादव पत्नी भोला का प्रधानमंत्री आवास योजना से आवास बनाने के लिए पहली व दूसरी किस्त का भुगतान हो चुका है। अब तीसरी किस्त के लिए वह अधिकारियंो का चक्कर लगा रही हैं। केराकत विकास खंड के मझली गांव में प्रधानमंत्री आवास में की गयी धांधली की गई है। गांव निवासी हरिओम राजभर ने डीएम से की गई शिकायत में कहा है कि फुलवासी देवी पत्नी राम बचन को वर्ष 2007 - 08 में इंदिरा आवास का लाभ दिया गया था। चालू वित्तीय वर्ष में फुलवासी के पुत्र ज्ञानेश्वर राजभर के नाम से वल्दियत बदलकर पीएम आवास योजना का लाभ दे दिया गया। इसी प्रकार इसी गांव में 2007-08 में छट्ठू राम को इन्दिरा आवास मिला था। चालू वित्तीय वर्ष में छट्ठू राम को फिर आवास का लाभ दे दिया गया है।
अपात्रों को दे दिया पीएम आवास
बक्शा। स्थानीय विकास खंड के कर्तिहां गांव में वर्ष 2017-18 में पांच अपात्रों को अवासा की पहली किस्त भी भेज दी गई थी। शिकायत मिलने पर जांच की गई तो संबंधित को नोटिस जारी कर धन वापस करने की मांग की गई। सभी लाभार्थियों ने खाते से धन निकाल भी लिया था। खंड विकास अधिकारी राम सुंदर भारती ने बताया कि नोटिस जारी करने पर दो लोगों ने आवास का पैसा वापस कर दिया जबकि तीन लोगों के खिलाफ दोबारा नोटिस जारी की गई है।
पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों के चयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। लाभार्थियों से वसूली की कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
अरविंद कुमार सिंह
परियोजना निदेशक डीआरडीए