जौनपुर। सरकारी योजनाओं में सेंध लगाकर, तथ्य छिपाकर गरीबों के हक पर साधन संपन्न तथाकथित लोग कैसे डाका डालते हैं इसका नमूना जौनपुर जिले के आपूर्ति विभाग में देखने को मिला है। यहां 1359 अपात्र हर महीने गरीबों के नाम पर आने वाला करीब 71 क्विंटल अनाज उठा रहे थे। सत्यापन में पता चलने पर इन सभी का राशनकार्ड निरस्त कर दिया गया। बचे हुए कार्डों का सत्यापन अभी कराया भी जा रहा है।
2101 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें जिले भर में संचालित होती हैं। 88 नगरीय और 2013 ग्रामीण दुकानों से संबद्ध एक लाख 25 हजार 472 अंत्योदय एवं छह लाख 78 हजार 226 पात्र गृहस्थी के राशनकार्डधारी हर महीने राशन लेते हैं। इसमें कई बार शिकायत मिली कि कुछ अपात्र लोग भी राशन कार्ड अपने नाम जारी करवाकर कोटे से खाद्यान्न उठाते हैं। इसके लिए शासन ने राशन कार्डधारकों का स्थलीय सत्यापन कराने का निर्देश दिया। सत्यापन कराया गया तो 335 पात्र गृहस्थी और 17 अंत्योदय योजना के राशनकार्ड अपात्रों के यहां मिले। इन्हें विभाग ने तत्काल निरस्त कर दिया। सत्यापन का कार्य 31 दिसंबर तक किया जाना है।
अंत्योदय के 50 व पात्र गृहस्थी के 1309 यूनिट निरस्त
आपूर्ति विभाग के अनुसार, सत्यापन में पात्र गृहस्थी के 335 राशनकार्ड निरस्त किए गए। इसमें कुल 1309 यूनिट निरस्त हुए। अंत्योदय के 17 कार्ड यानी कुल 50 यूनिट निरस्त किए गए। 774 पात्र गृहस्थी के व अंत्योदय के 17 नए कार्ड भी बनाए गए। अंत्योदय कार्ड पर हर कार्ड 35 किलोग्राम राशन दिया जाता है, जबकि पात्र गृहस्थी कार्ड पर यूनिट के अनुसार, प्रत्येक यूनिट पर पांच किलो राशन दिया जाता है। इस तरह से 1309 यूनिट का पांच किलो के हिसाब से करीब 65.45 क्विंटल राशन हर महीने उठान होता था। इसी तरह अंत्योदय कार्ड पर करीब 6 क्विंटल हर महीने उठान होता था। वर्तमान में अतिरिक्त खाद्यान्न भी कार्डधारकों को दिया जाता है।
एक नवंबर से राशन कार्डों का सत्यापन कार्य शुरू है। अब तक पात्र गृहस्थी के 335 व अंत्योदय के 17 कार्ड निरस्त किए गए। इसमें अंत्योदय के 50 व पात्र गृहस्थ के 1309 यूनिट निरस्त किया गया। सत्यापन कार्य अभी चल रहा है। अपात्र मिलने पर राशनकार्ड निरस्त किया जाएगा। -
संतोष विक्रम शाही, जिला पूर्ति अधिकारी