गौराबादशाहपुर। मुफ्तीगंज ब्लाक के नैपुरा गांव के सैकड़ों महिला और पुरुषों ने गोमती नदी के नैपुरा घाट पर गुरुवार की सुबह 09 बजे यह संकल्प लिया कि अगर नैपुरा घाट पर स्वीकृत पक्का पुल कहीं दूसरे स्थान पर बनाया गया तो हम लोग मतदान का बहिष्कार करेंगे। पुल नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाया। प्रभु नारायण राय, छेदी नागर और अरुण राय की अध्यक्षता में अजित राय, प्रदीप नागर, कलाम, भोला नागर, विश्राम नागर, शिव शंकर राय, डॉ बहादुर, डॉ मुकेश, गुलजार, सुमन, शशि, राजपत्ति ने नैपुरा घाट पर संकल्प लिया कि पुल नहीं बनता है तो मतदान नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के तत्कालीन विधायक गुलाब सरोज के अथक प्रयास से नैपुर- ख़र्चनपुर घाट पर पुल स्वीकृत हुआ था। भाजपा शासन में 23 करोङ 21 लाख की पहली क़िस्त पुल बनने के लिए जारी किया गया लेकिन कुछ लोग सत्ता के गलियारे में ऊंची पैठ बनाकर इस पुल का स्थान परिवर्तन कर विझवार सारंग सिंघुलपुर घाट पर बन रहा है, जो केराकत विधान सभा के बजाय जफराबाद विधान सभा में स्थित है। वहीं प्रभु नारायण राय का कहना है कि हमारे विधायक की उदासीनता के चक्कर में यह पुल केराकत विधान सभा से जफराबाद विधान सभा में कैसे चला गया। जबकि हाईकोर्ट का सख्त आदेश है कि यह पुल अपने वास्तविक स्थान पर ही बनाया जाय।