जौनपुर। छुट्टा पशुओं को रखने के लिए बनाई गईं अस्थायी गोशालाओं में चारे पानी के संकट की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन की नींद टूटी है। गुरुवार को सीडीओ/प्रभारी जिलाधिकारी गौरव वर्मा ने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर इस समस्या के समाधान के लिए चर्चा की। बैठक में सभी अस्थाई गोशालाओं को 50-50 हजार रुपये उपलब्ध कराने जाने का निर्णय लिया गया। जिले में 18 अस्थायी गोशालाएं बनाई गई हैं, जिनमें कुल 1453 छुट्टा मवेशी रखे गए हैं। यहां चारा-पानी के कोई इंतजाम प्रशासन की ओर से नहीं किए गए। ऐसे में भूख-प्यास से तड़पकर मवेशी दम तोड़ रहे हैं। इस मुद्दे को गुरुवार के अंक में अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि गोशालाओं के लिए प्रत्येक विकासखंड को रु50 हजार उपलब्ध कराए गए हैं। संरक्षित गोवंश के पंजीकरण एवं टैगिंग का काम चिकित्सा पशुपालन विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस पर प्रभारी जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि उपलब्ध कराई गई धनराशि गौशाला के लिए अलग खाता खोलकर उसमें रखी जाए। खाता का संचालन बीडीओ और ब्लॉक के पशु चिकित्साधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा। साथ ही उन्होंने हिदायत दी कि भूख-प्यास से पशुओं की मौत नहीं होनी चाहिए। इस मौके पर एडीएम राजस्व रामआसरे सिंह, नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र नाथ मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय राय, एसडीएम सदर और सभी नगर पंचायतों के ईओ आदि मौजूद थे।