जौनपुर। चावल मिलें धान का उठान नहीं कर रही हैं, जिसके चलते पीसीएफ से सभी 65 क्रय केंद्रो पर 5699 एमटी धान डंप है। धान रखने की जगह नहीं होने के कारण इन केंद्रों पर खरीद बंद हो गई है। ऐसे में किसानों को औने-पौने दाम में धान बेचना पड़ रहा है।
जिले में धान की खरीद एक नवंबर से शुरू हुई, जो 28 फरवरी तक चलेगी। धान की खरीद करने के लिए कई एजेंसियों के कुल 99 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन क्रय केंद्रों को 72700 एमटी धान खरीदने की जिम्मेदारी दी गई है। लक्ष्य के अनुसार धान की खरीद हो और क्रय केंद्रों पर धान डंप न हो, इसकी जिम्मेदारी चावल मिल मालिकों की है। उनको क्रय केंद्रों से धान का उठान करना है। मगर मिल मालिकों की मनमानी के चलते केंद्रों पर धान लगातार डंप होता जा रहा है। धान रखने की जगह नहीं होने के कारण क्रय केंद्र पर खरीद ठप हो गई है। सबसे खराब हालत पीसीएफ के सभी 65 क्रय केंद्रों की है, जहां 5699 टन धान डंप हो गया है और रखने की जगह नहीं है। जपटापुर क्रय केंद्र पर 74.2 टन , खलीलपुर में 135,6 टन , अरगूपुरकला में 74.2 टन, बूढ़ुपुर में 90.8 टन , अरसिया में 133.1 टन ,सरायमोहिद्दीनपुर में 148.4 टन, पतहना में 115.2 टन, मनहन में 132.1 टन, भैरोभानपुर में 78.6 टन, मूर्तजाबाद में 138.2 टन डंप पड़ा है। इन केंद्रों पर धान की खरीद पूरी तरह ठप हो गई है, जिसका फायदा स्थानीय व्यापारी उठा रहे हैं और मनमाने तरीके से किसानों से धान खरीद रहे हैं।
चावल मिल मालिक क्रय केंद्रो से धान का उठान नहीं कर रहे हैं। इसके चलते पीसीएफ के सभी 65 क्रय केंद्रो पर 5699 टन धान डंप है। भंडारण की जगह नहीं होने के कारण इन केंद्रों पर धान की खरीद प्रभावित हो रही है। धान का उठान कराने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन अभी तक धान का उठान नहीं किया जा रहा है।-राकेश कुमार, प्रभारी जिला प्रबंधक