जौनपुर। कुल्हनामऊ में निर्माणाधीन सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के पास नगरपालिका द्वारा डंप किए गए कूड़े में आएदिन आग लगा दी जा रही है। कूड़े से निकल रहे धुएं और दुर्गंध के चलते स्थानीय लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। लोग घर में भी मास्क लगाकर या मुहं बांधकर काम करने को विवश हैं। धुएं और दुर्गंध के चलते लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
कुल्हनामऊं गांव के पास जिस स्थान पर सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाया जा रहा है उसके करीब चार सौ मीटर की परिधि में दो सौ से अधिक घर हैं। इन घरों में करीब डेढ़ हजार से अधिक लोग रहते हैं। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अभी निर्माणाधीन है बावजूद इसके नगरपालिका द्वारा शहर से कचरा उठाकर यहीं पर डंप किया जा रहा है। यहां कचरों का पहाड़ बन गया है। कचरे के इस ढेर से वैसे भी दुर्गंध उठ रही है लेकिन जब यहां कूड़े में आग लग जाती है तो उससे निकलने वाला जहरीला धुआं बस्सी में गूंजने लगता है। जिससे लोगों का जीना दुश्वार हो जाता है। कूड़े के इस ढेर में आएदिन आग लगा दी जाती है। स्थानीय निवासी अखिलेश यादव का घर सालिट वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के ठीक सामने 100 मीटर की दूरी पर है। अखिलेश कहते हैं कि यहां डंप किए जा रहे कूड़े के चलते स्थानीय लोगों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। लोग सांस की बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। बरसाती राम कहते हैं कि हम लोग खेत में हों या घरपर हमेशां मुहं बांधकर रखना होता है। इसी बस्ती के निवासी विवेक कुमार कहते हैं कि बस्ती में शायद ही कोई ऐसा घर हो जहां कोई न कोई सदस्य खांसी या सांस से संबंधित अन्य बीमारी की चपेट में न हो। नन्हकू यादव कहते हैं कि अभी तो यहां कूंड़ा डंप किए जाने से यह हाल है कल को जब यह प्लांट चालू हो जाएगा तो स्थिति और नारकीय हो जाएगी। विवेक कुमार कहते हैं कि अब तो लगता है कि यहां से घर बेंचकर कहीं दूर जाना होगा।
कुल्हनामऊ में नगरपालिका अपनी जमीन में कूड़ा डंप कर रहा है। कूड़े में आग स्थानीय लोग ही लगाते होंगे। नगरपालिका के कर्मचारी सिर्फ कूड़ा गिराकर चले आते हैं। प्लांट चालू होने पर स्थानीय लोगों को कोई समस्या नहीं होगी।
कृष्ण चंद्र, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद जौनपुर