जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अशोक कुमार सिंह ने मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के एक गांव में पांच वर्ष पूर्व शादी का झांसा देकर किशोरी का अपहरण करके उससे दुष्कर्म करने के आरोपी को शुक्रवार को दोषी करार दिया। खुले न्यायालय में चौदह वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उससे पैसठ हजार रुपए जुर्माना भी वसूल किया जाएगा। अभियोजन के अनुसार मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 मई 2014 को दिन में तीन बजे उसकी 14 वर्षीय पुत्री चोरारी बाजार में कपड़ा लेने गई थी, उसी समय आरोपी विजय राजभर पुत्र प्यारेलाल निवासी ग्राम चोरारी थाना मडियाहूं उसे भगा ले गया। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करके आरोप पत्र कोर्ट में किया। दौरान विवेचना आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़िता की बरामदगी हुई। पीड़िता ने बयान में दिया कि विजय राजभर उसे मड़ियाहूं से जौनपुर और फिर जबरदस्ती लेकर सूरत लेकर चला गया। शादी का झांसा देकर पांच-छ: दिन उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। इसके बाद वह उसे लेकर कोलकाता गया। वह घर पहुंचाने के लिए कहती रही लेकिन उसने एक नहीं सुनी। चार-पांच दिन कोलकाता में उससे दुष्कर्म करता रहा। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता राम प्रकाश सिंह व वीरेंद्र कुमार मौर्य ने गवाहों को कोर्ट में परीक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस एवं तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात आरोपी विजय राम राजभर को सजा सुनाई। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।