जौनपुर। किसान क्रेडिट कार्ड बैंकों से किसानों को बिना ब्याज के फसली ऋण दिलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के नेतृत्व में किसानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में किसान पंचायत किया। इस दौरान मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद की। साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा।
जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कहा कि किसानों को अन्नदाता तो कहा जाता है लेकिन उनके लिए किसी भी सरकार की ओर से पुख्ता इंतजाम नहीं किया जा रहा है। किसानों को कृषि यंत्र और बीज खरीदने सहित फसलों को रोगों से बचाने आदि पर अनुदान तो दिया जाता है लेकिन पहले किसानों को पूरा पैसा जमा करना होता है। इसके बाद उनको अनुदान की धनराशि उनके खाते में भेज दी जाती है। इससे किसानों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने किसानों को मिलने वाले अनुदान राशि को छोड़कर शेष पैसा जमा करने का प्राविधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को केसीसी कार्ड पर बैंकों से बिना ब्याज के फसली ऋण दिलाया जाए। गेहूं का क्रय मूल्य 2100 रुपया प्रति कुंतल की दर से तय किया जाए। छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए न्याय पंचायत स्तर पर गौशाला बनवाया जाए। इसके अलावा, ब्लाक स्तर पर सरकारी गल्ला मंडी खुलवाने, बिजली के बढ़े दर को वापस लेने, कृषि कार्य के लिए बिजली फ्री देने, तालाबों पर अवैध ढंग से बसे हुए गरीबों को पट्टा देने के बाद हटाने आदि की मांग की गई है। किसान पंचायत में सीताराम, बाबू राम, खलील, राजबली, मेवालाल, अमरनाथ, जगदीश, लालचंद्र, राम आशीष, सुरजन यादव, धनदेयी, मालती, चिंता, इंद्रावती, शीला, प्रमिला, सबिता, संगीता और सीमा आदि उपस्थित रहीं।