कोरोना की दूसरी लहर से बने भयावह हालत से निपटने में स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्थाओं और अधूरी तैयारियों पर हाईकोर्ट ने असंतोष जताते हुए फटकार लगाई तो तस्वीर ही बदल गई। बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर जैसे संसाधनों की अब कमी नहीं है। जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया है और अब ग्रामीण स्तर पर भी स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ बनाने में महकमा जुटा है। कोर्ट की टिप्पणी के बाद जिले में 1200 बेड, 28 वेंटिलेटर, 111 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बढ़ गए हैं। एक ऑक्सीजन प्लांट शुरू हुआ है और जल्द ही कई नए प्लांट भी चालू होंगे।
मार्च में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने पांव पसारना शुरू किया तो स्वास्थ्य विभाग की सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई थी। पंचायत चुनाव के बाद जब बीमारी ने भयावह रुप लिया तो लोग बेड, ऑक्सीजन के लिए भटकने लगे। अस्पताल की दहलीज तक पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई तो कइयों ने ऑक्सीजन न मिलने से दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य महकमा और पूरा सरकारी तंत्र पंगु बना रहा। वाराणसी के पूर्वांचल में सबसे खराब हाल जौनपुर का था। स्वास्थ्य सेवाओं की इसी बदहाली पर नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया था। हाईकोर्ट की इस नाराजगी के बाद हरकत में आए तंत्र ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया। गांव-गांव सैंपलिंग बढ़ाई गई तो स्वास्थ्य सुविधाओं में भी इजाफा हुआ है। कोर्ट में दायर शपथ पत्र पर गौर करें तो पहले ही अपेक्षा करीब 12 गुना बेड बढ़े हैं। डेढ़ गुना वेंटीलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर समेत अन्य संसाधनों में भी भारी इजाफा हुआ है।
स्वास्थ्य सेवाओं में हुए बदलाव का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एक माह पहले मरीजों के लिए 100 बेड थे, जो अब बढ़कर 1300 हो गए हैं। वेटिंलेटर 19 थे और अब 47 हो गए हैं। इसी तरह से एचएफएनसी तीन थे और इसकी संख्या 10 हो गई है। ऑक्सीजन प्लांट एक भी नहीं थे और अब तक एक है। बाई पेप चार थे और अब 14 हैं। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 50 थे और अब 161 हैं। एंटीजन किट एक हजार थे जो अब सात हजार हो गए हैं। बच्चों के लिए अस्पताल पहले चार थे और अब आठ हो गए हैं। सीएमओ डा.राकेश कुमार का कहना है कि कोरोना संक्रमण से निबटने के लिए जिले में उपलब्ध मेडिकल सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। पहले की अपेक्षा संसाधन काफी बढ़े हैं। कोर्ट के आदेश पर ऑक्सीजन, मरीजों के लिए बेड, दवा की उपलब्धता, वेंटीलेटर, सैंपलिंग, अस्पताल सहित अन्य जानकारियों का विवरण भेज दिया गया है।
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बच्चों के लिए चार सीएचसी पर बढ़ी सुविधाएं
जौनपुर। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण के अधिक खतरे के मद्देनजर जिले की चार सीएचसी को मेडिकल सुविधाओं से लैस कर दिया गया है। ऑक्सीजन, वेंटिलेटर के साथ दवा की पूरी व्यवस्था की जा रही है। चयनित सीएचसी में शाहगंज, मछलीशहर, केराकत और सतहरिया शामिल हैं। यहां नए ऑक्सीजन प्लांट भी लगाए जा रहे हैं। इनके अलावा भी जिले की हर तहसील में एक सीएचसी का चयन बच्चों के उपचार के अस्पताल के लिए किया जाएगा।
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प्रशिक्षण के लिए जाएंगे 23 चिकित्सक और पैरामेडिकल
जौनपुर। कोरोना के तीसरे चरण के संक्रमण से निबटने के लिए चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए एनेस्थिसिया और पीडियाट्रिक्स चिकित्सकों के साथ पैरामेडिकल स्टाफ प्रशिक्षित किए जाएंगे। प्रशिक्षण के लिए 19 लोगों का नाम बीएचयू और चार स्टाफ का नाम स्किल लैब को भेजा गया है। मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण लेकर आने के बाद जिले के चिकित्सक और स्टाफ को प्रशिक्षित करेंगे।