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Jaunpur News: चौकियां धाम में 12 हजार श्रद्धालुओं ने किया दर्शन

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चौकियां धाम में शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन मां भगवती के स्कंदमाता स्वरूप के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। सुबह से शाम तक दरबार में 12 हजार से अधिक देवी भक्तों ने मां के दर्शन किए। माता को केशर की खीर, इलायची और केले का भोग लगाया गया। मंदिर के कपाट भोर में ही चार बजे ही खुल गए थे।
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माता शीतला का पीले रंग के वस्त्र से शृंगार किया गया। श्रद्धालु दर्शन करने के बाद शीतला माता मंदिर के पास बने तालाब का जल अपने ऊपर छिड़क कर प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। मंदिर पर मौजूद लल्लन प्रसाद पंडा ने बताया कि स्कंदमाता की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। स्कंदमाता अपने भक्तों के सभी काम बना देती हैं। असंभव से असंभव कार्य उनकी उपासना से पूरे हो जाते हैं। स्कंदमाता की पूजा करने से व्यक्ति को संतान सुख की प्राप्ति भी होती है। साथ ही सभी दुख-दर्द से छुटकारा मिलता है। भगवान शिव की अर्धांगिनी के रूप में माता पार्वती ने कार्तिकेय को जन्म दिया था। भगवान कार्तिकेय का दूसरा नाम स्कंद है। इसलिए मां दुर्गा के इस स्वरूप को स्कंदमाता भी कहा जाता है। मां स्कंदमाता की चार भुजाएं हैं। मां भगवान कार्तिकेय को अपनी गोद में लेकर शेर पर सवार रहती है। मां के दोनों हाथों में कमल है। साथ ही स्कंदमाता की पूजा में धनुष-बाण अर्पित करना चाहिए। ललन प्रसाद पंडा ने बताया कि सोमवार को सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहा। 12 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन-पूजन किए।
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