जौनपुर। गोमती नदी में कूड़ा गिराएं जाने के मामले के खुलासे को गंभीरता से लेते हुए नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ने दो सफाई इंस्पेक्टरों को कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया है। ठेले से कूड़ा गिराने वाले सफाई कर्मचारी को निकाल दिया गया है। बुधवार की सुबह आठ से दस की संख्या में सफाई कर्मचारियों को लगाकर सफाई कराई गई। सफाई कार्य में स्वच्छ गोमती अभियान के कार्यकर्त्ताओं ने भी सहयोग किया। इस कार्रवाई के बाद नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों की बेचैनी बढ़ गई है।
गोमती के घाट पर मंगलवार को कूड़ा गिरा रहे सफाई कर्मचारियों को स्वच्छ गोमती अभियान के कार्यकर्त्ताओं ने विरोध जताया था। पूरा घाट कूड़े से पट गया था। इस मामले में ईओ और डीएम से अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्ता ने शिकायत किया था। इस मामले को बुधवार के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो अधिकारियों ने आनन फानन में मामले की जांच कराएं जाने के बाद सफाई इंस्पेक्टर हरिशचंद्र और निरंजन को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। इसके अलावा सफाई सुपरवाइजर उमेशचंद्र को निलंबित कर दिया गया। सफाई कर्मचारी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
गोमती नदी में कूड़े फेंकने के मामले को गंभीरता से लेते हुए दो सफाई इंस्पेक्टरों को नोटिस दी गई है। सुपरवाइजर को निलंबित कर सफाई कर्मचारी को निकाल दिया गया है। नदी में गंदगी बर्दास्त नहीं की जाएगी। इसमें जो भी गंदगी करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
कृष्णचंद्र
अधिशासी अधिकारी
नगरपालिका परिषद