जौनपुर। फसल ऋण मोचन योजना के तहत हेल्प डेस्क के माध्यम से आए 4200 किसानों की शिकायतों की जांच करने के लिए जिला कृषि अधिकारी द्वारा गुरुवार को सूची बैंकों को भेजी गई है। बैंकों की जांच में पात्र पाए जाने वाले किसानों को फसल ऋण मोचन योजना का लाभ देने का कार्य किया जाएगा।
फसल ऋण मोचन योजना के तहत उन किसानों को लाभ दिया जाना है। जिनके द्वारा 31 मार्च 2016 के पहले किसान क्रेडिट कार्ड पर एक लाख रुपये तक का फसली ऋण लिया है। लाभ देने के लिए जिले में कुल एक लाख 20 हजार किसानों का चयन किया गया है। जिसमें से जांच के बाद अभी तक 76 हजार किसानों का 412 करोड़ रुपया ऋण माफ किया गया है। शेष 44 हजार किसान ऐसे पाए गए हैं, जिनका बकाया ऋण माफ नहीं हो सका है। इसके बाद कोई पात्र किसान योजना का लाभ पाने से वंचित नहीं हो, इसके मद्देनजर सरकार द्वारा फिर हेल्प डेस्क के माध्यम से किसानों की शिकायत लेने और शिकायत की जांच कराकर पात्र पाए जाने वाले किसानों को योजना का लाभ देने का निर्देश दिया गया। जिसके बाद जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में हेल्प डेस्क काउंटर खोला गया। जिसमें कुल 4200 किसानों ने शिकायत किया था। इन किसानों की फीडिंग जिला कृषि कार्यालय द्वारा पूरी कर ली गई। इसके बाद गुरुवार को उनकी सूची जांच के लिए बैंकों को भेज दी गई है। बैंकों से जांच होने के बाद पात्र पाए गए किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके बाद शेष बचने वाले किसान अपात्र होंगे।
हेल्प डेस्क के माध्यम से कुल 4200 किसानों ने शिकायत किया है। जिसकी फीडिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। इनकी सूची जांच के लिए बैंकों को भेज दी गई है। जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले किसानों को योजना से लाभान्वित करने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद शेष बचने वाले किसान अपात्र की श्रेणी में होंगे।
-अमित कुमार चौबे, जिला कृषि अधिकारी