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Jaunpur News: छह महीने में 112 युवतियां घर से भागीं, हर मामले में युवकों पर मुकदमा

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जौनपुर। जिले के 28 थाना क्षेत्रों में बीते छह महीने में 112 युवतियों के घर से भागने की घटनाएं सामने आई हैं। यह आंकड़ा बताता है कि औसतन हर थाना क्षेत्र से चार युवतियां अपने घर से भागी हैं। इन मामलों में परिजनों द्वारा अधिकाधिक बार युवकों पर ही लड़कियों को बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया है।कई मामलों में परिजनों ने कानून की धारा में अपहरण व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया, भले ही लड़कियां बालिग हों। पुलिस का कहना है कि परिजन अक्सर भावनात्मक रूप से बिना पड़ताल किए ही युवक के खिलाफ ही शिकायत दर्ज कराते हैं। बाद में जांच में कई बार यह सामने आता है कि लड़की अपनी मर्जी से गई होती है। या वे उस आरोपी लड़के के साथ ही शादी की बात करती हैं। आज के युवाओं में स्वतंत्र निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है, लेकिन सामाजिक दबाव के कारण लड़कियों की भागने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। बदलापुर में 3, शाहगंज में 9, मछलीशहर कोतवाली में 3, गौराबादशाहपुर में एक, बरसठी में 4, सिंगरामऊ में 3, मड़ियाहूं 4 मुकदमे दर्ज हैं।
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केस स्टडी
1-एक मामला केराकत क्षेत्र का सामने आया है। यहां 19 वर्षीय एक युवती ने युवक के साथ कोर्ट मैरिज कर ली। परिजनों ने जबरन अपहरण का केस दर्ज कराया, पर बाद में युवती ने अदालत में बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से गई थी।
2-8 मई 2025 को नेवढ़िया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने कोतवाली में तहरीर दिया कि उनकी लड़की दिनांक 7 मई को मड़ियाहूं एक महाविद्यालय में बीए की परीक्षा देने आई थी। पूर्व परचित कनावा डीह निवासी सोनू यादव सहित तीन लोगों द्वारा बहला फुसलाकर कहीं भाग ले गए हैं। तहरीर के आधार पर सोनू यादव सहित तीन पर अपहरण का मुकदमा पंजीकृत कराया है।
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3-सिंगरामऊ थाना क्षेत्र की एक महिला ने 19 अप्रैल 2025 को एक गांव निवासी महिला ने अपने गांव के बगल वाले गांव निवासी एक युवक के ऊपर अपनी लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया। इस मामले में महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ था।

4-बरसठी पुलिस ने 4 मई को दो माह से फरार चल रहे एक आरोपित को गुरुवार को बरसठी स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। मार्च माह में गांव की ही एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था, पीड़िता की मां ने एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इस तरह की घटनाएं समाज में संवाद की कमी, पारिवारिक दबाव और युवाओं में भावनात्मक अपरिपक्वता को उजागर करती हैं। ऐसे मामलों में जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्पक्षता से की जाती है ताकि किसी निर्दोष युवक को झूठे आरोप में फंसने से बचाया जा सके।- डा.कौस्तुभ कुमार, पुलिस अधीक्षक।
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