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हादसे में नौजवानों की मौत से कई गांवों में मौत

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खुटहन। आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फतेहाबाद के समीप गुरुवार को सुबह हुए सड़क हादसे जिले के अलग अलग गांवों के पांच युवकों की मौत से कई गांवों में मातम छा गया। खुटहन क्षेत्र के ओइना गांव के दो युवकों की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है। हादसे में ओइना गांव निवासी उमाशंकर यादव के घर का चिराग भी छीन लिया। हादसे में नगहटी गांव के अखिलेश यादव, खुटहन के ओइना गांव के राकेश यादव और कमलेश यादव, सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के सिद्दीकपुर गांव निवासी नागेश यादव और बदलापुर थाना क्षेत्र के देवरामपुर निवासी सदाफल यादव की मौत हो गई।
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हादसे का शिकार खुटहन थाना क्षेत्र के ओइना गांव निवासी राकेश यादव (28) अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। घर की माली दशा ठीक न होने के चलते राकेश बदलापुर के बनगांव में अपने नाना के घर रहकर पढ़ाई करता था। उमाशंकर को भी बेटे से काफी आशा थी कि बेटा पढ़ लिखकर कुछ बन जाएगा तो उनके परिवार की भी गरीबी दूर हो जाएगी। उमाशंकर की गरीबी का आलम यह है कि अभी तक रहने के लिए उनके पास कोई पक्की छत नहीं है। पूरा परिवार छप्पर के नीचे गुजर बसर करता है। हादसे की खबर लगते ही परिवार में कोहराम मच गया। राकेश डेढ़ वर्ष की बेटी पारुल का पिता था। उनकी पत्नी कुसुम को जैसे ही यह मनहूस खबर मिली तो एकबारगी वह अचेत हो गई। सूचना पर गांव और पास पड़ोस के लोगों की भीड़ लग गई। दरवाजे पर आने वाले हर किसी से कुसुम यही गुहार लगा रही थी कि वह उनके पति से मिलवा दें। वह कभी अपनी बेटी का चेहरा निहारती हैं तो कभी भीड़ में लोगों को। राकेश की मां उर्मिला और बहन पूजा (24) का भी रो रोकर बुरा हाल है। इसी गांव निवासी नंदलाल यादव के पुत्र कमलेश यादव (24) की भी हादसे में मौत हो गई। राकेश और कमलेश का घर के बीच सिर्फ एक सौ मीटर का फासला है। एक ही गांव में दो नौजवानों की एक साथ मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है। कमलेश अपने दो भाइयों में छोटा था।
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