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तीन वर्ष बाद भी पूरा नहीं हुआ अंडर ग्राउंड तार बिछाएं जाने का कार्य

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जौनपुर। तीन साल बाद भी नगर को तारों के जाल से मुक्ति नहीं मिल पाई है। पैसे नहीं मिलने के कारण भूमिगत केबल बिछाने का काम पूरा नही हो सका है। बिजली विभाग ने केबल बिछाने के लिए जगह-जगह सड़क पर गड्ढे खोद दिए गए हैं। इससे आवाजाही में परेशानी हो रही है। अब तक मात्र 22 ट्रांसफार्मरों के क्षेत्रों में अंडरग्राउंड केबल बिछाई जा सकी है और उपभोक्ताओं को बिजली दी जा रही है जबकि शहर क्षेत्र के 65 ट्रांसफार्मरों के क्षेत्रों में केबिल भूमिगत करना है।
शहर क्षेत्र में 400 ट्रांसफार्मर हैं। वहीं 37 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इन क्षेत्रों में निर्बाध रूप से बिजली उपलब्ध कराने के लिए तारों के जाल को हटाया जा रहा है। उसकी जगह अंडरग्राउंड बिजली केबल बिछाई जा रही है। शहर क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबिल बिछाने के लिए वर्ष 2016 में 32 करोड़ रुपया स्वीकृत हुआ। पैसा स्वीकृत होने के बाद भी बिजली विभाग ने प्राथमिकता के तौर शहर के 65 ट्रांसफार्मरों के क्षेत्रों में अंडरग्राउंड केबिल डालने का कार्य शुरू किया। अभी मात्र 22 ट्रांसफार्मरों के क्षेत्र में भूमिगत केबल से आपूर्ति हो रही है। बिजली विभाग को तीन साल में काम के लिए 70 फीसदी धनराशि मिल चुकी है। इसके अलावा आठ और ट्रांसफार्मर क्षेत्रों में केबल बिछा दी गई है लेकिन कनेक्शन नहीं हुआ है। बजरंगघाट, सिपाह, अहमद खां मंडी, वाजिदपुर आदि क्षेत्रों में गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं लोगों के गिरकर चुटहिल होने का डर बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि मीटर उपलब्द नहीं होने के कारण कनेक्शन नहीं हो पा रहे हैं। इस वजह से गड्ढे भी नहीं पाटे जा रहे हैं।
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जैसे-जैसे पैसा आ रहा है । वैसे-वैसे काम हो रहा है। स्वीकृत हुए 32 करोड़ में सत्तर फीसदी ही पैसा मिल पाया है। इस समय मीटर नहीं है। जिससे अंडर ग्राउंड डाले गए केबिल को उपभोक्ताओं के कनेक्शन से नहीं जुड़ पा रहे है। मीटर आने के बाद कनेंक्शन जोड़कर गड़्ढा पाट दिया जाएगा।
एसके सोनोरिया
एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड तृतीय
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