शाहगंज। लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही सांसद के चयन को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। प्रमुख दलों ने अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी। प्रत्याशी भी मैदान में अपनी जीत पक्की करने के लिए भीषण गर्मी में पूरी तन्मयता के साथ जुट गए हैं। वहीं, अभी छोटे दलों एवं निर्दल प्रत्याशियों का मैदान में आना बाकी है लेकिन मतदाता इस लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के आंकलन में जुट गई है। निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव की घोषणा होते ही लोगों के दिनचर्या में भी बदलाव हो गया।
सर सैयद अहमद इंटर कालेज सबरहद के प्रधानाचार्य मो. शाहिद नईम का कहना है कि क्षेत्र का विकास करने वाला सांसद होना चाहिए। बिना किसी भेदभाव के काम करने वाला हो। क्षेत्र की समस्या को संसद में उठाए। जनपद की सबसे बड़ी तहसील शाहगंज के रुके विकास कार्य को आगे बढ़ाने वाला हो।
सामाजिक संस्था जेसीआई के मंडल निदेशक गुलाम साबिर ने कहा कि साफ छवि और बेबाक का सांसद होना चाहिए। जमीन से जुड़ा हो जो अमीर गरीब सबके साथ रहे। जनता की समस्याओं को समझे। क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता और गंभीरता के साथ निस्तारित करने वाला हो। जनता को भी अपने वोट की ताकत को समझने की जरूरत है।
समाजसेवी सतेंद्र मोदनवाल ने कहा कि शाहगंज की गंभीर समस्याओं को समझने वाला एमपी चाहिए। डेढ़ वर्ष से नगर की सड़कों का दंश झेल रहे व्यापारियों को गंभीर समस्या से निजात दिलाने वाला हो। ऐसा जनप्रतिनिधि हो जो शाहगंज का विकास कर सके। जाति धर्म का भेद करने वाला नहीं होना चाहिए।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. अभिषेक सिंह कहते हैं सांसद सर्व सुलभ हो। जनता की मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए काम करे। जनता का प्रतिनिधि होने पर जाति धर्म से ऊपर उठकर बिना द्वेश की भावना से काम करे। स्वच्छ छवि वाला ईमानदार सांसद हो।