उरई। युवक के अपहरण करने के मामले में दो वर्ष चले ट्रायल के बाद कोर्ट ने दोषी को चार वर्ष की कैद सुनाई है। उस पर पांच हजार का जुर्माना भी लगाया है।
रामपुरा कस्बा के बिलौड़ गांव निवासी पिंकी राठौर ने पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसके पिता संतराम राठौर लापता हो गए हैं। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। खोजबीन करने पर पता चला कि गांव के ही अवधेश उर्फ अवध चौबे ने जमीन के लालच में उसके पिता संतराम की हत्या करने के लिए अपहरण किया है। उसने पुलिस को बताया था कि सात जुलाई 2023 को गांव के लोगों ने उन्हें अवधेश के साथ देखा था। उसके बाद से उसका कही पता नहीं चला था। इस पर पुलिस ने अवधेश उर्फ अवध चौबे पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जब से आरोपी जेल में बंद था। कोर्ट में चले ट्रायल के दौरान वादी सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज हुए। मंगलवार को मामले की सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी ने आरोपी अवधेश को दोषी पाते हुए चार वर्ष को सजा सुनाई और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया।