उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में पंजीकरण के लिए स्कैन और शेयर सेवा की गुरुवार से शुरूआत की गई। प्राचार्य डॉ. आरके मौर्य ने बताया कि अब मरीज को परामर्श के लिए लाइन में लगकर कार्ड बनवाने की आवश्यकता नहीं है। मोबाइल एप से पंजीकरण हो जाएगा। एक टोकन नंबर मिलेगा। इसके बाद मरीज हेल्पलाइन काउंटर पर ओपीडी पंजीकरण स्लिप प्राप्त कर डाक्टर को दिखा सकेगा। यह सुविधा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत की गई है। एचएमआईएस के नोडल अधिकारी डॉ. अरूण अहिरवार ने बताया कि मरीज क्यूआर कोड स्कैन कर अपना नाम, उम्र, लिंग आदि दर्ज कर टोकन आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। पहली बार पंजीकरण होने के बाद अगली बार डाक्टर को दिखाने के लिए दोबारा जानकारी नहीं देनी होगी। सहायक नोडल अधिकारी डॉ. शैलेश वर्मा ने बताया कि इस व्यवस्था से मरीजों को समय की बचत होगी तथा लाइन में लगने से छुटकारा मिलेगा। मरीजों की सुविधा के लिए बनाए गए क्यूआर कोड को आरोग्य सेतु व पेटीएम एप से आसानी से स्कैन किया जा सकता है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत निरंजन ने बताया कि सबसे पहले प्ले स्टोर पर जाकर आभा एप डाउनलोड करें। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में लगी मशीन में बारकोड स्कैन करना होगा। इसके बाद आभा आईडी जेनरेट करनी होगी। आभा आईडी जेनरेट करने के बाद काउंटर पर लगे बारकोड को दोबारा स्कैन कर शेयर के विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद मिले टोकन नंबर को तीस मिनट के अंदर आपरेटर को बताए। रजिस्ट्रेशन स्लिप आपरेटर से प्राप्त करें।