उरई। महाराष्ट्र-गुजरात समेत कई प्रदेशों से बुंदेलखंड जिले में आने वाले 250 से ज्यादा ट्रकों के चक्के जाम हैं। हड़ताल की वजह से व्यापारी माल लोड नहीं कर रहे हैं। इस वजह से तीन दिन से ये वाहन ठहरे हैं।
यही स्थिति बुंदेलखंड के जिलों की भी है। यहां भी हड़ताल के असर ने व्यापारियों को ट्रकों में माल लोड करने से रोक दिया है, इस वजह से करीब 200 ट्रक जाम हो गए हैं।
हिट एंड रन के नए कानून के विरोध में चालकों ने ट्रकों के स्टेयरिंग छोड़ दिए हैं। तीन दिसंबर बुधवार तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा थी।इस वजह से न ही माल जा पा रहा और न ही दूसरे प्रदेशों से माल आ पा रहा है। ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के नासिक और मध्य प्रदेश के इंदौर और शाहजहांपुर से संतरा और प्याज, राजस्थान के कोटा से संतरा, गुजरात के अहमदाबाद और बड़ौदा से टाइल्स, परचून का सामान और जीरा यहां आता है।
इनके लिए बुंदेलखंड के सात जिलों के 252 ट्रक गए थे। इनमें जालौन में प्याज और अदरक समेत काफी सामान लेने गए 15 ट्रक लौट ही नहीं। सबसे ज्यादा झांसी के करीब 143, बांदा के 37, चित्रकूट के 15, हमीरपुर के 15, महोबा के 13 व ललितपुर के 14 ट्रक अब तक नहीं लौटे।
वहीं, बुंदेलखंड के इन जिलों से भी करीब 200 ट्रक आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। जालौन की चार मंडियों से करीब 20 ट्रक गेहूं, मटर, मसूर व चना लेकर जाते हैं। इसके अलावा बांदा से गल्ला आदि लेकर जाने वाले 15, चित्रकूट से पत्थर आदि गुजरात व अन्य प्रदेशों में जाने वाले 15, महोबा व हमीरपुर से गल्ला, हिंदुस्तान लीवर आदि लोड कर जाने वाले 40, झांसी से गेहूं, मूंगफली, बीएचएल के ट्रांसफार्मर आदि लेकर जाने वाले 100 ललितपुर से गेहूं आदि माल ले जाने वाले 10 ट्रकों के पहिए रुके हैं।
तीन दिसंबर तक हड़ताल की वजह से माल लोड न होने से न ही 200 ट्रक बुंदेलखंड के जिलों से आगे बढ़े हैं और न ही अन्य प्रदेशों से 250 से ज्यादा ट्रक लौट पा रहे हैं। बुधवार की देर रात दिल्ली समेत अपने-अपने प्रदेशों में संगठन के पदाधिकारी वार्ता कर आगे की रणनीति बनाएंगे। गुरुवार को केंद्रीय मंत्रियों के साथ इस पर चर्चा के साथ बैठक होगी। उसमें जो भी निर्णय होगा, आगे वह तय किया जाएगा। -हाजी सगीर खान, बुंदेलखंड प्रभारी, ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन