शादी समारोह में मासूम की हत्या मामले में पूछताछ के नाम पर वेटरों के कथित उत्पीड़न के खिलाफ जिले के सभी वेटर व हलवाई लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को जिले के वेटरों व हलवाई की बैठक राधिका गार्डन में हुई। इसमें पुलिस उत्पीड़न पर आंदोलन का निर्णय लिया गया। मांग की गई कि जो वेटर हिरासत में है उसे भी छोड़ा जाए। वेटर जिलाधिकारी को
ज्ञापन भी देंगे। बैठक में संगठन के अध्यक्ष संजय टिकरिया ने कहा कि पिछले दिनों हुई बच्ची की हत्या के मामले में हमारी सहानुभूति पीड़ित परिवार के साथ है और जांच में पूरी तरह सहयोग करने को तैयार हैं। इसके बावजूद पुलिस जांच के नाम पर गेस्ट हाउस में काम करने वाले वेटरों का उत्पीड़न कर रही है। उन्हें कई दिनों तक कोतवाली में रखकर उनके साथ
मारपीट की जा रही है। एक सप्ताह से पुलिस पंकज नाम के वेटर को कोतवाली में बैठाए है। कोतवाली में वेटर के भूख हड़ताल कर देने से उसकी हालत खराब है। कहा कि शादी समारोहों के दौरान अगर कोई घटना होती है तो सबसे पहले वेटरों को हिरासत में लिया जाता है। इसका कारण है कि वेटर गरीब तबके का होता है। इसलिए उसका उत्पीड़न किया जाता है। अब
ऐसा नहीं होने देंगे। बुधवार को सभी वेटर व हलवाई जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उत्पीड़न बंद करने की मांग करेंगे। निर्णय लिया गया कि रात 12 बजे के बाद कोई भी वेटर व स्टाफ गेस्ट हाउस में नहीं रुकेगा। दस बजे के बाद बैंड व डीजे नहीं बजना चाहिए। वेटर स्टाफ बिना ड्रेस के नहीं रहेगा। इस मौके पर संचालक संकल्प पहारिया, सियाशरण पहारिया,
कमलेश गुप्ता, संजय गुप्ता, मानसिंह पाल, धमेंद्र शर्मा, रमाकांत शर्मा, सरमन हलवाई, संजय टिकरया, संजय विजपुरिया, मानसिंह महते, महेश सोनी, संतराम महते, राकेश रावत, संकल्प पहारिया, मनीष पुरवार, सुरेश आदि मौजूद रहे।